लगभग 6000 मणिमहेश यात्रियों को बसों व टैक्सियों के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया

मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आज यहां उच्च अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जानकारी दी कि चंबा में फंसे लगभग 6 हजार यात्रियों को निजी और एचआरटीसी बसों तथा टैक्सियों के माध्यम से सुरक्षित निकालकर नूरपुर और पठानकोट भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को चंबा के कलसंुई क्षेत्र से यात्रियों को निगम की बसों के माध्यम से पठानकोट भेजा गया। शनिवार को 20 बसें चलाई गईं जिनमें 17 पठानकोट और शेष बसें कांगड़ा व देहरा भेजी गईं। चम्बा में 60 अतिरिक्त बसें तैनात की गई हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार उपयोग में लाया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने कहा कि भरमौर में लगभग 5000 जबकि चम्बा चौगान में 500 यात्री बचे हैं जो जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। इन यात्रियों को भी लंगेरा सड़क के बहाल होने पर शीघ्र ही उनके गंतव्यों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंगेरा सड़क को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
उन्होंने कहा कि चम्बा-भरमौर सड़क को कलसुंई और राजेरा तक बहाल कर दिया गया है। इसके अलावा, जोत सड़क को भी गेट तक यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है।
मुख्य सचिव ने बताया कि लाहौल-स्पीति में पागल नाला को भी वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है जिसके बाद यहां से काजा की ओर भारी वाहन चलना शुरू हो गए हैं। पागल नाला खुलने के बाद अटल टनल से चार तेल टैंकरों को केलंग के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि रोहतांग दर्रे से होकर अलेओ सड़क को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबन्धन डी.सी राणा ने जानकारी दी कि कुल्लू-मनाली सड़क को यातायात के लिए बहाल करने का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मनाली के लिए बांये किनारे से सड़क खोल दी गई है। बंजार के लिए सड़क व क्षेत्र में संचार सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि रविवार से लाहौल से ट्रकों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *