रेबीज से बचाव पर जोर, आशा वर्करों को किया जागरूक आशा वर्करों की सालाना समीक्षा बैठक, पोलियो अभियान में शत-प्रतिशत सफलता

नाहन.. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सोमवार को जिला मुख्यालय महान में आशा वर्करों के वर्ष भर के कार्यों की समीक्षा के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रतिशत के आधार पर समीक्षा की गई और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता बी.एम.ओ. डॉ. मोनिशा अग्रवाल ने की।
बी.एम.ओ. डॉ. मोनिशा ने बताया कि बैठक में स्नेक बाइट और रेबीज जैसे गंभीर विषय को लेकर विशेष रूप से मंथन किया गया। डॉ. निखिल ने हाल ही में रेबीज को लेकर प्राप्त की गई नई ट्रेनिंग की जानकारी आशा वर्करों के साथ साझा की। इस दौरान आशाओं को रेबीज से बचाव, उपचार और जागरूकता के नवीन तरीकों से अवगत कराया।
डॉ. मोनिशा ने बताया कि यह हर्ष का विषय है कि इस वर्ष आशा वर्करों ने सभी कार्यक्रमों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। विशेषकर पोलियो प्रतिरक्षण अभियान में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया, जबकि पहले बच्चों के बाहर चले जाने के कारण कुछ कमी रह जाती थी। उन्होंने स्ट्रीट डॉग और रेबीज को एक ज्वलंत समस्या बताते हुए आमजन को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यदि कुत्ता काट ले, तो सबसे पहले घाव को अच्छी तरह साबुन और पानी से धोना चाहिए, जिससे लगभग 60 प्रतिशत वायरस नष्ट हो जाता है। इसके बाद तुरंत अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज का टीका लगवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि रेबीज से बचाव उपचार द्वारा पूरी तरह संभव है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यदि तीन महीने के भीतर दोबारा कुत्ता काटता है, तो बूस्टर डोज लगवाना अनिवार्य होता है, जिसमें दो डोज शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में इन सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को आशा वर्करों तक पहुंचाया गया, ताकि वे ग्रामीण स्तर पर लोगों को सही समय पर जागरूक कर सकें।

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