
भावानगर। जाइका वानिकी परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को निगुलसरी में खाद्य सुरक्षा अधिनियम का पाठ पढ़ाया। वीरवार को वन मंडल किन्नौर के निगुलसरी में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 12 स्वयं सहायता समूहों के 58 प्रतिनिधियों को उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा के बारे महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस दौरान फॉसटैक यानी फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेट की पाठशाला चली। आईआईईएसटी फेडरेशन दिल्ली के प्रतिनिधियों ने एफएसएसएआई द्वारा जारी आदेश के तहत महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिए। फेडरेशन के निदेशक अनिल शर्मा और एरिया को-ऑर्डिनेटर मोहर सिंह ठाकुर ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को हरेक पहलुओं की ट्रेनिंग दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किन्नौर अदिति नेगी ने स्वयं सहायता समूहों खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के बारे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एफएसएसएआई के मापदंडों को ध्यान में रखते हुए उत्पाद तैयार करने होंगे। ताकी उत्पादों की गुणवत्ता बरकरार रह सके। प्रशिक्षण शिविर में रिटायर एचपीएफएस सीएम शर्मा, वन परिक्षेत्राधिकारी परमानंद, एसएमएस राधिका नेगी, एफटीयू कॉ-ऑर्डिनेटर प्रियंका नेगी, सुरेखा नेगी, पुनम नेगी और सविता नेगी समेत परियोजना के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।