राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री 12 जनवरी को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में हिस्सा लेंगे

नई दिल्ली। स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी 12 जनवरी को शाम करीब 4:30 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री देश भर के लगभग 3,000 युवाओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। चुने हुए प्रतिभागी दस अलग-अलग विषयों पर प्रधानमंत्री के सामने अपनी अंतिम प्रस्तुतियां देंगे, जिसमें वे राष्ट्रीय महत्व के मुख्य क्षेत्रों के संबंध में युवाओं के दृष्टिकोणों और कार्यान्वित किए जाने योग्य विचारों को साझा करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 से संबंधित निबंध संकलन जारी करेंगे। इस संकलन में युवा प्रतिभागियों द्वारा भारत की विकास संबंधी प्राथमिकताओं और राष्ट्र निर्माण के दीर्घकालिक लक्ष्यों पर लिखे गए चुने हुए निबंध शामिल होंगे।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग, जो अब अपने दूसरे संस्करण में है, एक ऐसा राष्ट्रीय  मंच है जिसे भारत के युवाओं और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच व्यवस्थित बातचीत को आसान बनाने हेतु डिजाइन किया गया है। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किए गए प्रधानमंत्री के उस आहवान के अनुरूप है, जिसमें एक लाख युवाओं को बिना किसी राजनीतिक जुड़ाव के राजनीति में शामिल करने और उन्हें विकसित भारत से संबंधित अपने विचारों को साकार करने हेतु एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करने की बात कही गई थी।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026, जो 9 जनवरी से 12 जनवरी 2026 के दौरान आयोजित किया जा रहा है, में देश भर से 50 लाख से अधिक युवाओं ने अलग-अलग स्तर  पर हिस्सा लिया है। राष्ट्रीय-स्तर के चैंपियनशिप में शामिल होने वाले युवा नेताओं को एक कठिन एवं योग्यता-आधारित तीन-चरणों वाली चयन प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया है। इस चयन प्रक्रिया में देश भर में आयोजित डिजिटल क्विज, एक निबंध प्रतियोगिता और राज्य-स्तरीय विजन संबंधी प्रस्तुतियां शामिल हैं।

इस डायलॉग का दूसरा संस्करण इसके पहले संस्करण की सफलता से प्रेरित है और इसमें डिजाइन फॉर भारत एवं टेक फॉर विकसित भारत – हैक फॉर ए सोशल कॉज की शुरुआत, विस्तारित विषयगत जुड़ाव और पहली बार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी जैसे कुछ नए अहम बदलाव किए गए हैं, जिससे डायलॉग का दायरा तथा प्रभाव और अधिक सशक्त होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *