करसोग। करसोग उपमंडल प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से “अपना पुस्तकालय – एक संवाद मंच” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह नई पहल एसडीएम करसोग गौरव महाजन के दिशा-निर्देशों में आरंभ की गई है, जिसके अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को विभिन्न विभागों के अनुभवी अधिकारियों द्वारा नियमित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
छात्रों को मिलेगा अधिकारियों का अनुभव आधारित मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम के माध्यम से अपना पुस्तकालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर विकल्पों और जीवन कौशल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की जाएंगी। अधिकारी अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन और परीक्षा से जुड़े उपयोगी टिप्स प्रदान करेंगे, ताकि विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा तय कर सकें।
कम्युनिकेशन विषय पर पहला संवादात्मक सत्र
“अपना पुस्तकालय – एक संवाद मंच” का पहला सत्र कम्युनिकेशन विषय पर आधारित रहा, जिसमें 50 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पहले व शुभारंभ सत्र का प्रारंभ सहायक लोक संपर्क अधिकारी संजय सैनी तथा तहसील कल्याण अधिकारी भोपाल शर्मा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर किया।
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावी कम्युनिकेशन केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आई कॉन्टैक्ट, बॉडी लैंग्वेज, आत्मविश्वास (कॉन्फिडेंस) और सुनने की क्षमता की अहम भूमिका होती है। संतुलित आई कॉन्टैक्ट वक्ता के आत्मविश्वास और ईमानदारी को दर्शाता है, जबकि सकारात्मक बॉडी लैंग्वेज संवाद को प्रभावशाली बनाती है।
कॉन्फिडेंस और व्यवहारिक कौशल पर दिया गया बल
सत्र के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि साक्षात्कार, समूह चर्चा, प्रस्तुतीकरण और सार्वजनिक जीवन में सफलता के लिए आत्मविश्वास और व्यवहारिक कौशल अत्यंत आवश्यक हैं। इन गुणों के निरंतर अभ्यास से व्यक्तित्व में स्थायी सुधार आता है, जो करियर में दीर्घकालिक सफलता का आधार बनता है।
हर शनिवार आयोजित होगा संवाद मंच
वार्तालाप सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न रखे, जिनका समाधान व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से किया गया। उपमंडल प्रशासन ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।
