नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नीदरलैंड के वेल्डहोवेन स्थित एएसएमएल के मुख्यालय का दौरा किया।

यात्रा के दौरान बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने एक नया सेमीकंडक्टर उद्योग शुरू किया है और लिथोग्राफी, जिसमें वेफर पर सर्किट को प्रिंट करना शामिल है, पूरी सेमीकंडक्टर विनिर्माण श्रृंखला की सबसे जटिल और अत्यधिक सटीकता वाली प्रक्रिया है।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एएसएमएल का भारत आना एक महत्वपूर्ण विकास होगा, और यह भी बताया कि देश की डिजाइन क्षमताओं, प्रतिभाओं की विशाल उपलब्धता और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की लगातार नीतियों के कारण दुनिया भर के कई उपकरण निर्माता अब भारत में अपना आधार स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।

एएसएमएल के बारे में
एएसएमएल, सेमीकंडक्टर उद्योग की विश्व की अग्रणी आपूर्तिकर्ता कंपनी है। यह डच बहुराष्ट्रीय कंपनी एकीकृत परिपथों के उत्पादन में उपयोग होने वाली फोटोलिथोग्राफी मशीनों के विकास और निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। यह अग्रणी चिप निर्माताओं को सिलिकॉन पर बड़े पैमाने पर पैटर्न का उत्पादन करने में सक्षम बनाती है, जिससे छोटे, तेज और अधिक ऊर्जा-कुशल चिप्स बनाने में मदद मिलती है।
एएसएमएल के एक प्रतिनिधिमंडल ने सेमीकॉन इंडिया 2025 में भाग लिया, जहां उसने भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में भागीदार बनने में गहरी रुचि व्यक्त की।