शिमला ,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने 25 जनवरी पूर्ण राजत्व दिवस 7और 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
विनय कुमार ने कहा है कि 25 जनवरी का दिन हिमाचल प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है जब हमें तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा देकर प्रदेश को गौरव प्रदान किया था। उन्होंने कहा है कि आज के दिन 1971 में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और यह भारत का 18वां राज्य बना।
विनय कुमार ने कहा कि प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉक्टर यशवंत सिंह परमार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश अस्तित्व में आया और आज प्रदेश विकास के मामले में पहाड़ी राज्यों के शिखर पर जाना जाता है। स्वर्गीय इंदिरा गांधी का यह प्रदेश सदैव ऋणी रहेगा।
विनय कुमार ने गणतंत्र दिवस पर भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि भारत के संविधान की प्रस्तावना का मूल पाठ भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से लागू हुआ था। एक स्वतन्त्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा इसे अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। उन्होंने सभी से देश के संविधान की रक्षा के लिये आगे आने का आह्वान किया है।
विनय कुमार ने कहा है कि 25 जनवरी का दिन हिमाचल प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है जब हमें तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा देकर प्रदेश को गौरव प्रदान किया था। उन्होंने कहा है कि आज के दिन 1971 में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और यह भारत का 18वां राज्य बना।
विनय कुमार ने कहा कि प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉक्टर यशवंत सिंह परमार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश अस्तित्व में आया और आज प्रदेश विकास के मामले में पहाड़ी राज्यों के शिखर पर जाना जाता है। स्वर्गीय इंदिरा गांधी का यह प्रदेश सदैव ऋणी रहेगा।
विनय कुमार ने गणतंत्र दिवस पर भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि भारत के संविधान की प्रस्तावना का मूल पाठ भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से लागू हुआ था। एक स्वतन्त्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा इसे अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। उन्होंने सभी से देश के संविधान की रक्षा के लिये आगे आने का आह्वान किया है।