शिमला। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्ख के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही है। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद फिलहाल प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक माह बाद स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मंगलवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में सुरेश ठाकुर और अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने बताया कि हाल ही में राजधानी में आयोजित पेंशनरों की आक्रोश रैली ऐतिहासिक रही। रैली और धरना-प्रदर्शन के बाद सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में 23 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पेंशनरों की लंबित देनदारियों और 14 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित देनदारियों के 40 प्रतिशत भुगतान को आगामी कुछ महीनों में जारी करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा एचआरटीसी पेंशनरों के लंबित मेडिकल बिलों के भुगतान को लेकर भी मुख्यमंत्री ने वित्त सचिव को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
सुरेश ठाकुर ने बताया कि पेंशनरों के लंबित मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ 10 दिनों के भीतर दोबारा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शेष मांगों पर विस्तार से चर्चा होगी।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों और पेंशनरों के 16 प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर फिलहाल कोई आश्वासन नहीं दिया है। इसके बावजूद समिति को उम्मीद है कि सरकार पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी।