राज्यपाल ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को नमन किया

SHIMLA. राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य, पेशेवर दक्षता और अदम्य साहस की सराहना करते हुए उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि 7 और 8 मई, 2025 की मध्यरात्रि को भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर स्थित आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों पर सुनियोजित, सटीक और लक्षित सैन्य कार्रवाई की थी। पहलगाम आतंकी हमले में 22 अप्रैल 2025 को 26 निर्दाेष पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी।
राज्यपाल ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि यह दुनिया के सामने भारत की यह दृढ़ घोषणा थी कि देश कभी भी आतंकवाद के सामने नहीं झुकेगा।’ उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवानों ने पूर्ण पेशेवर दक्षता, उद्देश्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जिसने भारत की आतंकवाद प्रतिरोधक क्षमता और सीमा पार खतरों के प्रति सोच को नई दिशा दी है। यह रणनीतिक संयम से रणनीतिक सक्रियता की ओर भारत के निर्णायक परिवर्तन का प्रतीक बना। भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए अत्यंत सटीकता, संतुलन और स्पष्ट उद्देश्य के साथ पूरे अभियान को अंजाम दिया। इस कार्रवाई में पाकिस्तान के 11 एयरफील्ड और 9 आतंकवादी शिविर नष्ट किए गए, जबकि दुश्मन भारत की किसी भी सैन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में असफल रहा। ब्रह्मोस और आकाश जैसी स्वदेशी प्रणालियों और हथियारों ने इस अभियान में निर्णायक भूमिका निभाई, जिससे भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता का परिचय मिला।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने पीढ़ियों से अनगिनत वीर सैनिक, देश को दिए हैं। हिमाचल के वीर पुरुष और महिलाएं सदैव राष्ट्र की रक्षा में अग्रिम पंक्ति में रहे हैं। यह वर्षगांठ राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि इस गौरवपूर्ण और भावुक अवसर पर प्रदेशवासी प्रत्येक सैनिक और उन परिवारों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिन्होंने राष्ट्र सेवा के लिए अपने बेटे-बेटियों को समर्पित किया। हिमाचल की वादियां शहीदों और वीरों की गाथाओं से गूंजती हैं।
कविन्द्र गुप्ता ने नागरिकों से आह्वान करते हुए कहा कि वे ऑपरेशन सिंदूर की स्मृतियों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आतंकवाद के प्रति शून्य-सहनशीलता की नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराकर सम्मानित करें।
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से इस दिन को गर्व, कृतज्ञता और नए राष्ट्रीय संकल्प के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी और राष्ट्र अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा सदैव निर्णायक, पेशेवर और जिम्मेदार तरीके से करता रहेगा।

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