शिमला। शिमला से करसोग और शिमला ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण मूल मांहूनाग बस सेवा को लेकर यात्रियों की परेशानी लगातार बनी हुई है। 29 अप्रैल को बस सेवा बहाल करने का दावा किए जाने के बावजूद आज तक रूट पर नियमित संचालन नहीं हो पाया है। कभी बस भेजी जाती है तो कभी बिना सूचना के सेवा बंद कर दी जाती है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष है।
यह बस शिमला बस स्टैंड से सुबह के समय करसोग और शिमला ग्रामीण क्षेत्र के लिए पहली महत्वपूर्ण सेवा मानी जाती है। नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों या महंगे टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका बजट भी बिगड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों कैलाश गुप्ता, योगेश वर्मा और प्रेमी देवी ने निगम प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह रूट पहले भी कई बार बंद किया जा चुका है। उनका कहना है कि यदि बस सेवा नियमित नहीं चली तो लोगों का भरोसा इस महत्वपूर्ण रूट से उठ जाएगा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि निगम इस रूट पर स्थायी समाधान निकाले और नियमित रूप से बस संचालन सुनिश्चित करे, ताकि लोगों को बार-बार परेशानी न झेलनी पड़े।
इस मामले पर शिमला ग्रामीण डिपो के आरएम पंकज ठाकुर ने बताया कि तकनीकी और अन्य कारणों से बीच-बीच में बस सेवा प्रभावित हुई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि 14 मई वीरवार से बस को इस रूट पर सुचारु रूप से चला दिया जाएगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।