यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रक्षा बलों के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के अलावा, इस परियोजना से रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए पारंपरिक ग्रिड बिजली की खरीद पर होने वाले खर्च में काफी कमी आने की उम्मीद है। इससे परियोजना की अवधि के दौरान सरकारी खजाने में बचत होगी।
एनटीपीसी लिमिटेड रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए सबसे अनुकूल ऊर्जा मूल्य निर्धारण और बचत सुनिश्चित करने हेतु प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से इस परियोजना को कार्यान्वित कर रही है। यह परियोजना रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय और रक्षा संपदा महानिदेशालय (डीजीडीई) के साथ बेहतर समन्वय में कार्यान्वित की जाएगी। यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और पर्यावरणीय स्थिरता का संगम है, जो रणनीतिक हितों की रक्षा करते हुए राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के समर्थन में अपनी संपत्तियों का लाभ उठाने के लिए रक्षा मंत्रालय की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।
रक्षा मंत्रालय, एनटीपीसी, रक्षा मंत्रालय (सेना) का मुख्यालय और डीजीडीई परियोजना के समय पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए बेहतर समन्वय में कार्य करेंगे। परियोजना पूरी होने पर सीतापुर सौर ऊर्जा परियोजना रक्षा भूमि पर स्थापित देश की सबसे महत्वपूर्ण नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में से एक के रूप में उभरेगी और परियोजना के रक्षा क्षेत्र में भविष्य की सौर-सह-भंडारण परियोजनाओं के लिए एक मानदंड स्थापित करने की उम्मीद है।