SHIMLA. शिमला ग्रीष्मोत्सव के तहत झांसी पार्क में आयोजित पहाड़ी स्वाद महोत्सव इन दिनों लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां लगाए गए कुल 13 स्टॉलों में हिमाचली पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू और स्वाद लोगों को खूब लुभा रहा है। इनमें 6 स्टॉल एसएजी के हैं, जबकि अन्य स्टॉल विभिन्न महिला प्रतिभागियों द्वारा लगाए गए हैं, जो अपनी विशेष पाक कला का प्रदर्शन कर रही हैं।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रुचि ठाकुर ने बताया कि सभी स्टॉलों में साफ-सफाई और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य हिमाचली व्यंजनों को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करना है।
महोत्सव में आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग एक ही स्थान पर सिड्डू, मदरा, बबरू, पतरोडे, चिलड़ा, मीठा भात, सेपू बड़ी, माश की दाल, खट्टा, कोदरा की रोटी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं। इसके साथ ही शुद्ध पहाड़ी घी, स्थानीय अचार-चटनी, जंगली शहद और ऑर्गेनिक उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का हिस्सा बने हुए हैं।कांगड़ा धाम को भी लोग बहुत पसंद कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि समर फेस्टिवल के अंतिम दिन सभी स्टॉलों का मूल्यांकन कर विजेताओं का चयन किया जाएगा। प्रशासन की ओर से सबसे बेहतरीन और स्वादिष्ट व्यंजन परोसने वाले तीन स्टॉलों को कुल 51 हजार रुपये तक के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। चयनित प्रतिभागियों के लिए तीन जून को कुफरी स्थित होटल प्रबंधन संस्थान में पाक कला प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि यह महोत्सव न केवल हिमाचल की पारंपरिक खाद्य विरासत को नई पहचान देगा, बल्कि महिलाओं की आय बढ़ाने और स्थानीय संस्कृति को सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। समर फेस्टिवल में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।