शिमला। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में विकसित किए जा रहे महत्वाकांक्षी बल्क ड्रग पार्क को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर परियोजना के कार्य में देरी और धीमी प्रगति का आरोप लगाया है। वहीं, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े अधिकांश बुनियादी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और कुछ तकनीकी व केंद्रीय मंजूरियों से जुड़े कारणों के चलते चुनौतियां सामने आई हैं।
उद्योग मंत्री ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए आवश्यक जलापूर्ति व्यवस्था का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा परियोजना के लिए आवश्यक 120 मेगावाट बिजली आपूर्ति से जुड़े ट्रांसमिशन कार्य का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा चुका है। सड़क निर्माण का कार्य भी काफी हद तक संपन्न हो चुका है।
हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि परियोजना के समक्ष सबसे बड़ी बाधा वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के तहत मिलने वाली मंजूरी है। उन्होंने कहा कि लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में पेड़ों की कटान की अनुमति अभी तक प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण कुछ हिस्सों में कार्य प्रभावित हुआ है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि वर्तमान वित्तीय चुनौतियों के लिए पूर्व भाजपा सरकार जिम्मेदार है। उनके अनुसार भाजपा शासनकाल के दौरान आरडीजी और जीएसटी मुआवजे सहित विभिन्न मदों में केंद्र से लगभग 70 हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए, लेकिन राज्य के लिए कोई मजबूत वित्तीय आधार तैयार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को अब तक करीब 17 हजार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिली है, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगभग 48 हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। चौहान ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश में “वित्तीय आपदा” का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है और विकास कार्यों पर राजनीति कर रही है। उद्योग मंत्री ने कहा कि भाजपा विकास के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि करीब 75 प्रतिशत निकायों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत हुई है, जो प्रदेश सरकार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है।