शिमला। अंतरराष्ट्रीय शिमला समर फेस्टिवल-2026 के अंतर्गत आयोजित रंगमंच नाट्योत्सव के पांचवें दिन ध्रुव शिखर, शिमला द्वारा सुविख्यात उपन्यासकार मंजुल भगत के चर्चित उपन्यास ‘अनारो’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन प्रवीण चांदला ने किया।
उपन्यास ‘अनारो’ की नायिका समाज के निम्न वर्ग की संघर्षशील महिला का प्रतिनिधित्व करती है। उसका पति नंदलाल गैर-जिम्मेदार एवं परिवार की उपेक्षा करने वाला व्यक्ति है, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अनारो घर-घर काम कर अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है। गरीबी, अपमान और कठिनाइयों का सामना करते हुए भी वह आत्मसम्मान बनाए रखती है तथा अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष करती है। अपनी बेटी के विवाह की जिम्मेदारी भी वह सफलतापूर्वक निभाती है। अनारो का चरित्र भारतीय समाज की निम्नवर्गीय महिला के साहस, धैर्य और संघर्षशीलता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरता है।
दर्शकों ने प्रस्तुति को सराहा और पूरे मंचन के दौरान रुचि बनाए रखी।
रंग नाट्योत्सव के अंतर्गत प्रस्तुत इस नाटक को दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त हुई।