किसानों, बागवानों एवं आवश्यक सेवाओं के लिए डीज़ल आपूर्ति में छूट का मामला सरकार के समक्ष उठाया

शिमला। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने किसानों, बागवानों, मोबाइल टॉवर ऑपरेटर तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सेवाओं को डीज़ल आपूर्ति में आ रही संभावित कठिनाइयों के मद्देनज़र प्रदेश सरकार के माध्यम से भारत सरकार से विशेष छूट प्रदान करने का आग्रह किया है। इस संबंध में उपायुक्त ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले), हिमाचल प्रदेश सरकार को एक विस्तृत पत्र प्रेषित कर मामले को भारत सरकार के समक्ष उठाने का अनुरोध किया है। ये फैसला उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि भारत सरकार द्वारा जारी “मोटर स्पिरिट एवं हाई स्पीड डीज़ल (खुदरा विक्रय केंद्रों के माध्यम से आपूर्ति का अस्थायी विनियमन) आदेश, 2026” के तहत पेट्रोल एवं डीज़ल की खरीद और वितरण पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन प्रावधानों के कारण कृषि एवं बागवानी, विकासात्मक गतिविधियों सहित विभिन्न आवश्यक क्षेत्रों में व्यावहारिक कठिनाइयाँ पेश आ रही है।

उपायुक्त ने कहा है कि शिमला जिला मुख्यतः बागवानी आधारित जिला है और यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा बागवानी एवं कृषि गतिविधियों पर निर्भर है। वर्तमान समय में कृषि एवं बागवानी कार्य चरम पर हैं तथा किसान और बागवान पावर टिलर, मिनी ट्रैक्टर, स्प्रे पंप, जनरेटर और अन्य डीज़ल चालित उपकरणों का व्यापक उपयोग कर रहे हैं। जिला के अनेक दुर्गम एवं सड़क संपर्क से वंचित क्षेत्रों में स्थित बागानों और खेतों तक इन उपकरणों को ईंधन भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों तक ले जाना संभव नहीं है।
उपायुक्त ने कहा कि मोबाइल टावरों, सड़क निर्माण एवं अन्य आवश्यक आधारभूत संरचना से जुड़ी गतिविधियों को भी डीज़ल आपूर्ति संबंधी समान चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। यदि किसानों और बागवानों को आवश्यक राहत नहीं मिली तो कृषि कार्यों, फसल प्रबंधन, छिड़काव कार्यक्रमों तथा उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने हिमाचल प्रदेश की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों और राज्य की बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि आदेश की धारा 4 के अंतर्गत वास्तविक किसानों और बागवानों को पावर टिलर, छोटे ट्रैक्टर, स्प्रे पंप तथा अन्य कृषि उपकरणों के लिए आवश्यक डीज़ल कंटेनरों में प्राप्त करने हेतु उपयुक्त छूट अथवा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ। उन्होंने सुझाव दिया है कि यह सुविधा उचित सत्यापन और सुरक्षा उपायों के साथ प्रदान की जा सकती है।

उपायुक्त ने अतिरिक्त मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि इस विषय को शीघ्र भारत सरकार के संज्ञान में लाया जाए, ताकि किसानों, बागवानों, संचार सेवाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण विकास एवं आधारभूत गतिविधियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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