केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कंपनियों से सतत व्यापारिक सहभागिता के माध्यम से भारत-यूके सीईटीए की गति को आगे बढ़ाने का आग्रह किया

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लंदन में आयोजित भारत-ब्रिटेन: प्रगति में भागीदार व्यापार सत्र का नेतृत्व किया और भारतीय कंपनियों से आग्रह किया कि वे भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के अंतर्गत उभरते अवसरों को सतत व्यापार प्रगति में परिवर्तित करने के लिए अपने ब्रिटिश समकक्षों के साथ संबंधों को मजबूत करें।

इस सत्र में दोनों देशों के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिन्होंने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को सुदृढ़ करने के लिए सीईटीए को एक परिवर्तनकारी फ्रेमवर्क बताते हुए इसका स्वागत किया। चर्चाओं में भारत और युनाइटेड किंगडम के बीच दीर्घकालिक निवेश, प्रौद्योगिकी साझेदारी, नवाचार, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं और गहन आर्थिक सहयोग को प्रोत्साहन देने की समझौते की क्षमता पर प्रकाश डाला गया।

विचार-विमर्श में सीईटीए के प्रभावी कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें उद्योग प्रतिनिधियों ने समझौते के बारे में, विशेष रूप से एमएसएमई के मध्य, अधिक जागरूकता पैदा करने, नियामक प्रक्रियाओं और प्रमाणन संबंधी आवश्यकताओं को सरल बनाने, उद्योग-से-उद्योग साझेदारी को मजबूत करने और प्रतिभा की गतिशीलता को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया, जिससे व्यवसाय समझौते से मिलने वाले अवसरों का पूरी तरह से लाभ उठा सकें।

इस अवसर पर  पीयूष गोयल ने चार जानकारी संबंधी रिपोर्ट—एफआईसीसी की ‘द इवॉल्विंग इंडिया-यूके पार्टनरशिप’, सीआईआई की ‘इंडियन रूट्स, ब्रिटिश सॉइल: चार्टिंग इंडियन इंडस्ट्रीज फुटप्रिंट्स इन द यूके 2026’, यूकेआईबीसी-एचएसबीसी यूके-इंडिया सीईटीए यूटिलाइजेशन मैनुअल और केयरएज की ‘सॉवरेन रेटिंग्स – ए फ्रेश पर्सपेक्टिव’, जारी कीं। इन रिपोर्टों का उद्देश्य व्यवसायों को सीईटीए के अंतर्गत अवसरों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए अंतर्दृष्टि और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना है।

पूर्ण सत्र के दौरान, उद्योग प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य सेवा, बेहतर विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सेवाओं और उपभोक्ता वस्तुओं को कवर करने वाली क्षेत्रीय गोलमेज चर्चाओं से उभरने वाली सिफारिशें भी प्रस्तुत कीं। इन सिफारिशों में नवाचार, निवेश और मजबूत व्यावसायिक साझेदारी के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार के अवसरों पर प्रकाश डाला गया।

पूर्ण सत्र के बाद, पीयूष गोयल ने भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ एक संवादात्मक चर्चा सत्र के साथ यूनाइटेड किंगडम में दो दिनों के व्यापारिक कार्यक्रमों का समापन किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अपने कार्यक्रमों से प्राप्त प्रमुख सीख, संभावित साझेदारों के साथ बातचीत और विभिन्न क्षेत्रों में पहचाने गए व्यावसायिक अवसरों को साझा किया।

इन मुलाकातों ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के पीछे की मजबूत गति की पुष्टि की और समझौते को ठोस व्यापार और निवेश परिणामों में बदलने के लिए दोनों सरकारों और उद्योग की साझा प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।