
शिमला। अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सियासत तेज़ हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने मंत्रिमंडल के साथ शिमला के राम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्रीराम के दर्शन किए, माथा टेका और कीर्तन में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजेश धर्माणी, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह मौजूद रहे। इस दौरान हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और शिमला शहरी विधायक हरीश जनार्था भी मौजूद रहे। मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि राम के नाम पर चंदा चोरी करने वालों को भगवान सद्बुद्धि दें और अपनी भावना व नियत साफ रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राम मंदिर की स्थापना के समय विधायक थे और उन्होंने भी मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। उन्होंने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय पूरे देश में आधे दिन की छुट्टी थी, जबकि हिमाचल प्रदेश में पूरे दिन का अवकाश घोषित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भगवान राम से मिली प्रेरणा को अपनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति सबके सम्मान की सीख देती है और जो राम के सच्चे भक्त हैं, वे राम के नाम पर राजनीति नहीं करते। लोगों ने अपनी श्रद्धा के अनुसार गहने और धन राम के आदर्शों को अपनाने के लिए दान किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल पैसे की नहीं, बल्कि आस्था की चोरी है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने भगवान श्रीराम के चरणों में जाकर प्रार्थना की कि राम के नाम पर राजनीतिक चंदा इकट्ठा करने वालों और राजनीति करने वालों को भगवान सद्बुद्धि दें। एसआईटी जांच पर उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करता है, लेकिन मन की भावना सही होनी चाहिए। राजीव गांधी को राम मंदिर का पहला श्रेय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मंत्रिमंडल हिंदू संस्कृति में विश्वास रखता है और सभी धर्मों का सम्मान करता है।
हिमाचल भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वे भी भगवान राम की उतनी ही श्रद्धा से पूजा करते हैं और पहले से उनके बताए ईमानदारी के मार्ग पर चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा को अपने आदर्शों पर आत्ममंथन करना चाहिए. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार राम राज्य की भावना के अनुरूप ऐसी योजनाएं लागू कर रही है जिनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है. उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा को अपनी भावना व नियत पर विचार करना चाहिए।