भारी बारिश में जिला स्तर पर स्कूल बंद करने के दिए गए हैं निर्देश, संबंधित जिलाधीशों की होगी जिम्मेदारी – रोहित ठाकुर

 

शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चलते आम जनजीवन प्रभावित हुआ है. भारी बारिश को देखते हुए शुक्रवार को प्रदेश के दो जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए. पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि इस संबंध में सरकार पहले ही फैसला ली चुकी है. विभाग ने जिला स्तर पर स्कूल बंद करने निर्देश दिए गए हैं. मौसम खराब होने पर स्कूल बंद करने की जिम्मेदारी संबंधित जिलाधीश की होगी.

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार ने करीब दो वर्ष पहले ही फैसला था. पूरे राज्य में एक साथ स्कूल बंद करने के बजाय मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। इसी व्यवस्था के तहत आज भारी बारिश के चलते प्रदेश के दो जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के लिए एक जैसा फैसला लेना उचित नहीं है। प्रत्येक जिले की भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए संबंधित जिलाधीश अपने विवेक से समय रहते निर्णय लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां छुट्टी घोषित होगी वहां शिक्षण और गैर-शिक्षण, दोनों प्रकार के कर्मचारियों की भी छुट्टी रहेगी।

शिक्षा विभाग में भर्ती प्रक्रिया पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में अब तक करीब 8 हजार नियुक्तियां की जा चुकी हैं। इसके अलावा लगभग 2 हजार नियुक्तियां विभिन्न चरणों में प्रक्रिया में हैं। उन्होंने बताया कि 400 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों का मामला चयन आयोग को भेजा जा चुका है। उनका कहना था कि सरकार का कार्यकाल समाप्त होने तक करीब 11 हजार नियुक्तियां पूरी हो जाएंगी, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसी को आंकड़ों पर संदेह है तो वह सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी प्राप्त कर सकता है।

सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के संबंध में रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश के 150 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। पहले चरण में इन स्कूलों के लिए प्रिंसिपलों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जैसे ही प्रिंसिपलों की नियुक्ति होगी, उसके बाद चयनित शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र जारी कर दिए जाएंगे। वहीं प्रदेश में एआई यूनिवर्सिटी स्थापित करने के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि बदलते समय और नई तकनीकों की जरूरत को देखते हुए इस विषय पर शुरुआती स्तर पर चर्चा शुरू हुई है। फिलहाल यह विचार-विमर्श के प्रारंभिक चरण में है।