उदयपुर में पॉलिटेक्निक कॉलेज निर्माण को भूमि की सैद्धान्तिक स्वीकृतिः राजेश धर्माणी

शिमला। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज जानकारी दी है कि प्रदेश सरकार के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप हिमाचल के जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के उदयपुर में पॉलिटेक्निक कॉलेज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने बताया कि लाहौल स्पीति के उदयपुर में कॉलेज के निर्माण संबंधी मामला लगभग 15 वर्षों से पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में लम्बित था। इस मामले में प्रदेश सरकार के ठोस प्रयासों से मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ द्वारा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम-1980 के तहत तकनीकी शिक्षा विभाग, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को 2.0435 हेक्टेयर वन भूमि के उपयोग के लिए सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि प्रदेश सरकार जनजातीय समुदायों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा में समावेशिता और समान विकास को बढ़ावा प्रदान कर रही है।


धर्माणी ने कहा कि इस स्वीकृति से जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को तकनीकी शिक्षा में उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहायता मिलेगी। सरकार जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ-साथ इन क्षेत्रांे में क्षमता निर्माण संस्कृति को बढ़ावा दे रही है और प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण आधारित अवसरंचना को विस्तार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मील पत्थर साबित होगा।