YD3M.jpeg)
रक्षा राज्य मंत्री ने इस परियोजना को कार्यालय परिसर में पार्किंग की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि महानगरों में भूमि की सीमित उपलब्धता को देखते हुए बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों का समाधान आधुनिक एवं उन्नत प्रौद्योगिकी के उपयोग से ही संभव है। श्री संजय सेठ ने कहा कि ऐसी पहल न केवल कार्यकुशलता बढ़ाती है, बल्कि पारंपरिक प्रणालियों से उन्नत एवं आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने की प्रक्रिया को भी गति देती है।
रक्षा राज्य मंत्री ने परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के प्रयासों की सराहना की। संजय सेठ ने कहा कि विभाग द्वारा निर्मित सांसद फ्लैट्स, कर्तव्य भवन और एक्जीक्यूटिव एन्क्लेव जैसे नए भवन गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं व उत्कृष्ट वास्तुशिल्प का उदाहरण हैं।
यह 14 मंजिला अत्याधुनिक बहुमंजिला कार पार्किंग सुविधा उपलब्ध भूमि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः स्वचालित रोबोटिक (डॉली) प्रौद्योगिकी पर आधारित है। पारंपरिक पार्किंग व्यवस्था की तुलना में यह सुविधा स्थान के उपयोग के मामले में लगभग 60 प्रतिशत अधिक दक्ष है। 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस पार्किंग इमारत में सीसीटीवी निगरानी और अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली की व्यवस्था की गई है। प्रयुक्त रोबोटिक प्रौद्योगिकी के कारण वाहन के लिफ्ट लॉबी में प्रवेश करने के बाद न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है, जिससे संचालन अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और प्रदूषण-मुक्त सुनिश्चित होता है।
8O1B.jpeg)