स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंगा ऊना

ऊना। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ऊना देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊना के प्रांगण में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविन्द्र गोमा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी ली। उन्होंने जिलावासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों और देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह में विभिन्न विभागों की विकासात्मक योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रबल किया।
इससे पहले आयुष एवं युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री ने एमसी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी।

स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा

समारोह को संबोधित करते हुए यादविन्द्र गोमा ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र रक्षा में जीवन लगाने वाले वीर जवानों का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। हिमाचल प्रदेश ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश की सीमाओं की सुरक्षा तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश के वीर सपूतों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए देश की आन-बान-शान की रक्षा की है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वतंत्रता सेनानियों, उनके आश्रितों, सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके सम्मान एवं सुविधा के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए बढ़ाई पुरस्कार राशि
युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का नाम रोशन करने के लिए खेल प्रतिभाओं को हरसंभव प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये की गई है। रजत पदक विजेताओं को 3 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। एशियाई खेलों, पैरा एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और पैरा राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं के लिए भी पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

आयुष और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर
आयुष मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को भी सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आयुष और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों की अपनी-अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार दोनों क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आधुनिक मशीनरी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है और आईजीएमसी शिमला, टांडा, नेरचैक मेडिकल कॉलेज तथा चमियाणा अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी शीघ्र यह सुविधा शुरू की जाएगी। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने पर करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गरीब परिवारों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से नई स्वास्थ्य बीमा नीति लाने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है।

किसान, बागवान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सरकार की प्राथमिकता
श्री गोमा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार ने किसानों, बागवानों, पशुपालकों, युवाओं, अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं और एकल महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये तथा भैंस के दूध का खरीद मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य 80 रुपये, मक्की का 50 रुपये, कच्ची हल्दी का 150 रुपये तथा पांगी घाटी के जौ का 80 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। पहली बार अदरक के लिए भी 30 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है।

शिक्षा में सुधार के साथ युवाओं के लिए नए अवसर

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शत-प्रतिशत साक्षरता हासिल कर देश के सामने मिसाल कायम की है। प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2021 में राज्य 21वें स्थान पर था।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की गई है। डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान किया गया है तथा योजना के लिए पारिवारिक आय सीमा 4 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपये की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से सीबीएसई पैटर्न लागू किया जा रहा है। प्रदेश के करीब 150 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीबीएसई पैटर्न पर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें ऊना जिला के 8 विद्यालय शामिल हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में इन विद्यालयों में करीब 4 हजार विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है, जबकि करीब 200 विद्यार्थी निजी स्कूलों से इन विद्यालयों में आए हैं।