फतेहपुर (नूरपुर )– मजदूरों की लंबित मांगों और विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने फतेहपुर में जोरदार हुंकार भरी। रामलीला मैदान से फतेहपुर बाजार होते हुए एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली गई। इस दौरान मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और प्रदेश की सुक्खू सरकार के खिलाफ भी जमकर गुस्सा जाहिर किया। खास बात यह रही कि प्रदर्शन के दौरान प्रदेश में ठेकेदार प्रथा को खत्म करने और आउटसोर्स भर्ती का विरोध भी प्रमुखता से गूंजा।
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा की अध्यक्षता में एसडीएम फतेहपुर रमण शर्मा के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन समेत मजदूरों से जुड़ी 11 प्रमुख मांगें उठाई गईं।
वीओ-1 मजदूरों की मांगों को लेकर फतेहपुर में भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले मजदूर सड़कों पर उतरे।
रामलीला मैदान से शुरू हुई रैली फतेहपुर बाजार से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। इस दौरान मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना रोष जाहिर किया।
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश में ठेकेदार प्रथा को खत्म करने और आउटसोर्स भर्ती का विरोध भी जोरदार तरीके से उठाया गया।भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि ठेका और आउटसोर्स व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को रोजगार की स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने ठेका और संविदा कर्मचारियों को राहत देने तथा समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग उठाई।
– एसडीएम कार्यालय पहुंचने के बाद भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा की अध्यक्षता में एसडीएम रमण शर्मा को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र और प्रदेश सरकार से मजदूरों की लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई।
मजदूरों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग शामिल है।
इसके साथ कर्मचारी राज्य बीमा योजना यानी ईएसआई की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने और ईपीएस-95 पेंशन न्यूनतम 7,500 रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई गई।पेंशनरों को महंगाई भत्ता और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई। भारतीय मजदूर संघ ने भविष्य निधि की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की। वहीं बोनस की गणना सीमा 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये और बोनस पात्रता की सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग भी उठाई गई।
संगठन ने उपदान यानी ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये करने की मांग भी रखी।
ज्ञापन में आशा, आंगनबाड़ी, मध्याह्न भोजन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभिन्न योजना कर्मियों को नियमित करने की मांग उठाई गई संगठन ने योजना कर्मियों को उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने की मांग की। वहीं ठेका और संविदा कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
भारतीय मजदूर संघ ने चार श्रम संहिताओं में श्रमिक विरोधी प्रावधानों को वापस लेने की मांग भी उठाई।संगठन का कहना है कि मजदूरों के अधिकारों की किसी भी कीमत पर अनदेखी नहीं होनी चाहिए और सरकार को श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना चाहिए।
ज्ञापन में बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग भी रखी गई।इसके साथ विभिन्न बैंकों में कार्यरत अंशकालिक कर्मचारियों को बैंक के अधीन लेने की मांग उठाई गई।
मजदूर लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। महंगाई के इस दौर में मजदूरों को पर्याप्त वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार को हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध समाधान करना चाहिए। अगर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।