
कुल्लू। एडीएम सुरजीत कुमार राठौर की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, तथा बाल विकास सेवाएं योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा समितियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गईं। बैठक का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी कुंदन लाल ने किया, जिनमें संबंधित विभागों के सभी सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। गृह निर्माण, विवाह अनुदान, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास, कोचिंग तथा स्वरोजगार से संबंधित प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया। एडीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना राज्य सरकार की एक अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य निराश्रित बच्चों और युवाओं को संरक्षण, संबल एवं आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” घोषित किया है, जिससे उनके समग्र विकास की जिम्मेदारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसे बच्चों से व्यक्तिगत रूप से मिलें, उन्हें योजना के सभी लाभों की जानकारी दें तथा आत्मनिर्भर बनने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करें। उन्होंने कक्षा 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर एवं स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने पर बल दिया गया। इसके अतिरिक्त इस समिति में सदस्य अधिकारियों को बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने तथा करियर काउंसलिंग उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए, ताकि वे सशक्त एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर हो सकें। बैठक में विवाह अनुदान, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास, कोचिंग तथा स्वरोजगार हेतु सहायता से जुड़े प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
इसके अलावा जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में जिले में संचालित बाल एवं बालिका देखभाल संस्थानों की समीक्षा की गई। बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं समग्र विकास से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई। फोस्टर केयर योजना, स्पॉन्सरशिप स्कीम, दत्तक ग्रहण, आफ्टर केयर योजना तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098) की प्रगति की समीक्षा की गई। स्पॉन्सरशिप स्कीम के अंतर्गत अप्रैल 2025 से सितंबर 2025 तक 226 लाभार्थियों को ₹53.76 लाख की सहायता प्रदान की गई है तथा जिले के 1160 बच्चों को इस योजना में शामिल किया गया है। चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से 13 जागरूकता शिविर आयोजित कर बाल अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों एवं नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाई गई। समिति ने सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बच्चों को समयबद्ध सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
वहीं एक अन्य बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 की मानसून आपदा से क्षतिग्रस्त 13 आंगनवाड़ी भवनों की मरम्मत हेतु 53 लाख स्वीकृत किए गए हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण व मरम्मत कार्य प्रगति पर है। छात्रवृत्ति, सुख शिक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। एडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए तथा लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए।