
शिमला। मॉनसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत से गर्म हुई सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। सदन का वीडियो सामने आने के बाद जहाँ विपक्ष ने कड़े तेवर अपना लिए हैं, वहीं पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी विपक्ष पर तीखा प्रहार किया है। इसके साथ ही, सड़कों के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कार्यों में हुई देरी के लिए जनता से खुले तौर पर माफी भी मांगी है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के पास इस समय कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे पिछले तीन दिनों से विधानसभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के मुद्दों पर कार्यवाही को स्थगित करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का इतिहास गवाह है और यह कांग्रेस पार्टी के नेताओं की ही देन है। उन्होंने कहा कि महान विभूतियों ने देश को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दिए हैं, जिनका हम सभी पूरा मान-सम्मान करते हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा पर जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को प्रदेश के वास्तविक और गंभीर मुद्दों पर राजनीति करनी चाहिए। आज देश और प्रदेश में महंगाई चरम पर है, जहाँ चीनी, पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। आम जनता से जुड़े इन जरूरी मुद्दों पर बात करने के बजाय भाजपा जानबूझकर ऐसे विषयों को बार-बार उठाती है जिससे लोगों का ध्यान मुख्य समस्याओं से भटके। उन्होंने इस प्रवृत्ति की तुलना इराक युद्ध के समय जॉर्ज बुश द्वारा दिए गए बयानों से की, जहाँ ‘वेपन्स ऑफ़ मास डिस्ट्रक्शन’ का झूठा नैरेटिव गढ़ा गया था। मंत्री ने दो टूक कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन रोज़-रोज़ इसी बात को उठाकर खुद को सबसे बड़ा देशभक्त दिखाने से न तो जनता का और न ही प्रदेश का कोई भला होने वाला है।
दूसरी ओर सड़कों के मुद्दे पर बात करते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि चाहे वह एनएचएआई (NHAI) की सड़कें हों, एनएच (NH) की सड़कें हों या फिर स्टेट पीडब्ल्यूडी (PWD) की सड़कें हों, हम हर तरीके से उनकी मरम्मत का पूरा प्रयास कर रहे हैं और जहाँ-जहाँ भी नुकसान (Damages) हो रहे हैं, उनकी भरपाई के लिए भी पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में सदन में भी कहा था कि वे प्रदेश की जनता से से माफी मांगना चाहते हैं कि मार्च और अप्रैल के महीने में सड़कों की टारिंग नहीं हो पाई। उन्होंने स्वीकार किया कि इसमें कमी आई है और इसका मुख्य कारण बिटुमिन (Bitumen) के दामों में बढ़ोतरी होना था। हालांकि, सरकार इसे कंपनसेट (Compensate) कर रही है और इसके लिए बजटीय प्रावधान भी कर लिया गया है।
मंत्री ने आगे बताया कि जैसे ही मानसून का समय समाप्त हो जाएगा, प्रदेश के विभिन्न डिवीजनों के अंतर्गत आने वाले लगभग 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग करवाई जाएगी, ताकि बरसात के दौरान हुए नुकसान को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि वे पीडब्ल्यूडी विभाग में जितना बजट उपलब्ध है, उससे अधिक कार्य नहीं कर सकते हैं; इसलिए पहले बजट का प्रावधान किया जाता है और उसके बाद उसे धरातल पर उतारने का पूरा प्रयास किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से माना कि मार्च-अप्रैल में टारिंग न होने की कमी रही है, लेकिन वे स्पष्ट राजनीति में विश्वास रखते हैं। मानसून सीजन के तुरंत बाद वे खुद प्रदेश के भिन्न-भिन्न इलाकों और खास तौर पर ज्यादा प्रभावित (Damaged) क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे और समय पर कार्यों को पूरा करने का हरसंभव प्रयास करेंगे।