एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चोरी के मामले में शिमला पुलिस की कार्रवाई, उत्तराखण्ड से चार आरोपी गिरफ्तार; करीब 80 प्रतिशत संपत्ति बरामद

शिमला। पुलिस थाना सदर शिमला में दिनांक 08.09.2026 को एक शिकायत पर अभियोग संख्या 117/2026, दिनांक 08.09.2026, अधीन धारा 306 बी.एन.एस. पंजीकृत किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने एक युवती को घर में साफ-सफाई के कार्य हेतु रखा गया था।

दिनांक 08.09.2026 को प्रातः शिकायतकर्ता ने अपने कमरे की अलमारियां खुली हुई तथा सामान बिखरा हुआ पाया। जांच करने पर ज्वेलरी तथा नकद सहित कीमती सामान गायब पाया गया। चोरी की गई संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक है।

अभियोग की तफ्तीश के दौरान पुलिस टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश, पूछताछ एवं तकनीकी तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस थाना सदर शिमला की टीम ने ज़िला उधम सिंह नगर पुलिस के साथ मिलकर एक ज्वाइंट ऑपरेशन कर, रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखण्ड से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निम्न प्रकार से हुई है—

1. देवेन्द्र कुमार, पुत्र पनीराम, निवासी रामनगर, उत्तराखण्ड, उम्र 56 वर्ष।
2. पप्पु लाल, पुत्र जैतराम, निवासी ऊधम सिंह नगर, उम्र 58 वर्ष।
3. बलजीत सिंह, पुत्र सेवक सिंह, निवासी ऊधम सिंह नगर, उम्र 35 वर्ष।
4. नईम, पुत्र खलील अहमद, निवासी ऊधम सिंह नगर, उम्र 36 वर्ष।

पुलिस द्वारा अब तक चोरी की गई संपत्ति का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बरामद कर लिया गया है। बरामद संपत्ति में चोरी किए गए आभूषण एवं अन्य कीमती सामान शामिल हैं। शेष संपत्ति की बरामदगी तथा चोरी की पूरी घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए तफ्तीश जारी है।

अभियोग की तफ्तीश उन्नत चरण में है तथा पुलिस द्वारा प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर घटना में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी शीघ्र कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

शिमला पुलिस आम जनता से अपील करती है कि घरों, कार्यालयों अथवा अन्य प्रतिष्ठानों में घरेलू सहायकों, नौकरों अथवा अन्य कर्मचारियों को नियुक्त करते समय उनकी पहचान की उचित पुलिस वेरिफिकेशन अवश्य करवाएं। कर्मचारी का पूरा नाम, स्थायी पता, पहचान संबंधी दस्तावेज तथा पूर्व रोजगार से संबंधित जानकारी प्राप्त कर उसका सत्यापन करवाना आवश्यक है। केवल मौखिक परिचय अथवा किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर बिना सत्यापन के किसी व्यक्ति को घरेलू कार्य अथवा अन्य संवेदनशील जिम्मेदारी न दी जाए।