SHIMLA..प्रदेश पेंशनर जॉइंट फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पेंशनरों की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 350 पेंशनरों ने भाग लिया। इस दौरान पेंशन एरियर, महंगाई भत्ते की बकाया किस्तों और अन्य वित्तीय लाभों को लेकर मुख्यमंत्री तथा वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई।
पेंशनर जॉइंट फ्रंट के अध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2016 से 1 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लंबित पेंशन एरियर के भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ वित्त सचिव, विशेष सचिव वित्त तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पेंशनरों के बकाये का चरणबद्ध तरीके से भुगतान करने का आश्वासन दिया है।
आत्माराम शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2024 में जारी अधिसूचना के तहत विभिन्न श्रेणियों के पेंशनरों को वित्तीय लाभ दिए गए थे। इसके बाद 18 अगस्त को जारी अधिसूचना में भी पेंशनरों के लिए प्रावधान किए गए। हालिया बैठक में मुख्यमंत्री ने शेष बकाया राशि के भुगतान को लेकर आगे की प्रक्रिया पर चर्चा की और विभिन्न श्रेणियों के पेंशनरों को राहत देने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में ‘रिमेनिंग’ और ‘बैलेंस’ शब्दों को लेकर कुछ विसंगतियां रह गई हैं। इस मामले को मुख्यमंत्री और वित्त सचिव के समक्ष उठाया गया है। सरकार ने इन विसंगतियों को दूर करने के लिए जल्द शुद्धि पत्र जारी करने का आश्वासन दिया है।
फ्रंट अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों का लगभग 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता अभी बकाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी त्योहारों के अवसर पर मुख्यमंत्री महंगाई भत्ते की दो किस्तों की घोषणा कर पेंशनरों को राहत प्रदान करेंगे।
आत्माराम शर्मा ने पेंशनरों के विभिन्न संगठनों की गतिविधियों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने का अधिकार है और उनका संगठन भी सरकार के खिलाफ कई बार प्रदर्शन कर चुका है। उन्होंने पेंशनरों के मुद्दों को राजनीतिक गतिविधियों से अलग रखते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से चर्चा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर 2025 को घुमारवीं में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पेंशनरों से बातचीत करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री के साथ कई बार बैठकें हुई हैं। अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि अधिसूचना में रह गई अस्पष्टताओं को जल्द दूर कर लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि प्रदेश के पेंशनरों को राहत मिल सके।