हिमाचल में शिक्षण संस्थानों का करेंगे दौरा, शिक्षकों और विद्यार्थियों से करेंगे संवाद

 

शिमला। जापान के प्रख्यात शिक्षाविद् एवं SEE Learning Japan के निदेशक डॉ. युकी एमोटो 14 अक्टूबर को कांगड़ा जिले के धर्मशाला क्षेत्र स्थित विभिन्न शिक्षण संस्थानों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे समग्र शिक्षा के अंतर्गत प्रदेश में लागू SEE Learning कार्यक्रम के क्रियान्वयन का जायजा लेंगे। साथ ही शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से संवाद कर सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा, नैतिक मूल्यों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे।
हिमाचल प्रदेश में समग्र शिक्षा की ओर से पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से SEE Learning कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम के क्रियान्वयन को समझने और विद्यालयों में इसके प्रभावी संचालन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डॉ. युकी एमोटो का यह दौरा निर्धारित किया गया है। वे SEE Learning Japan के निदेशक होने के साथ-साथ केयो विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर भी हैं।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में SEE Learning कार्यक्रम की प्रगति को समझना, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के अनुभवों से रूबरू होना तथा विद्यालयों में सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा को और प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर चर्चा करना है। इस अवसर पर शिक्षा से जुड़े अधिकारियों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभवों तथा स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के आदान-प्रदान का अवसर भी मिलेगा।
डॉ. युकी एमोटो 14 अक्टूबर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सकोह (GSSS Sakoh), राजकीय उच्च विद्यालय, सिद्धबाड़ी (GHS Sidhbari) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), कांगड़ा, धर्मशाला का दौरा करेंगे। इस दौरान वे संबंधित संस्थानों के प्रमुखों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे। चर्चा में विद्यार्थियों के सामाजिक एवं भावनात्मक विकास, आत्म-जागरूकता, संवेदनशीलता, सहानुभूति तथा विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

*विद्यार्थियों के सामाजिक-भावनात्मक विकास पर केंद्रित है SEE Learning*
समग्र शिक्षा की ओर से प्रदेश में लागू SEE Learning कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में शैक्षणिक ज्ञान के साथ सामाजिक एवं भावनात्मक कौशल विकसित करना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने, दूसरों के प्रति संवेदनशीलता एवं सहानुभूति विकसित करने और जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने के लिए सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है। यह पहल विद्यार्थियों के संतुलित व्यक्तित्व विकास और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पीरामल फाउंडेशन के हिमाचल प्रदेश SEE Learning कार्यक्रम प्रबंधक राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रख्यात शिक्षाविद् एवं SEE Learning Japan के निदेशक डॉ. युकी एमोटो का दौरा प्रदेश में कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभवों और हिमाचल प्रदेश में किए जा रहे स्थानीय प्रयासों के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा विद्यालयों में सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।