रोड़ा में 100 करोड़ की परियोजनाओं को व्यवस्थित रूप देने पर जोर, हेलीपोर्ट जुलाई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

ऊना। हरोली के रोड़ा में करीब 100 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं को समग्र योजना के तहत आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को क्षेत्र का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि के उपयोग सहित भविष्य की जरूरतों पर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हेलीपोर्ट का काम जुलाई 2027 तक पूरा करने के लक्ष्य के अनुरूप तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी भूमि के नियोजित उपयोग, पार्किंग और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री ने हेलीपोर्ट के साथ करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई परियोजनाएं एक साथ विकसित की जा रही हैं। ऐसे में इनके बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि भवनों, पार्किंग,जलनिकासी और अन्य सुविधाओं के विकास में भविष्य में कोई बाधा न आए।

भूमि उपयोग को लेकर स्पष्ट हो योजना

मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोड़ा में उपलब्ध सरकारी भूमि का उपयोग विभिन्न परियोजनाओं के अनुरूप स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए। किस परियोजना के लिए कौन-सी भूमि इस्तेमाल होगी और भवनों, पार्किंग तथा अन्य सुविधाओं के लिए कहां जगह रखी जाएगी, इसका पूरा खाका तैयार किया जाए। जरूरत पड़ने पर आर्किटेक्ट की मदद लेकर पूरे क्षेत्र की समग्र योजना बनाई जाए, ताकि विकास कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

उन्होंने  कहा कि परियोजनाओं में जल निकासी और पार्किंग सहित सभी जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सहित संबंधित अधिकारियों को कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

न्यू हरोली विकास पथ के साथ विकसित होंगी सुविधाएं

सोमभद्रा पुल से हरोली जल शक्ति भवन तक के मार्ग को न्यू हरोली विकास पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ उपलब्ध भूमि पर कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैफिक पार्क का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से जल शक्ति भवन का निर्माण किया गया है।

इसके अलावा पांच करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने पर एक ही स्थान पर ड्राइविंग टेस्ट, वाहनों की फिटनेस जांच और पासिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। क्षेत्र में न्यायिक परिसर, इंडोर स्टेडियम, मेला ग्राउंड, उद्योग विभाग के कार्यालय और पूर्व सैनिक भवन जैसी परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं।

इन पूर्ण, निर्माणाधीन और प्रस्तावित परियोजनाओं को मिलाकर क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को क्षेत्र की मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण बाद में बदलाव की जरूरत न पड़े।

इस दौरान उनके साथ महासचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी रणजीत राणा, प्रधान ग्राम पंचायत बीटन योगराज योगा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग हरबंश लाल शर्मा, अधिशाषी अभियंता नितिन चौधरी,  तहसीलदार हरोली राजन शर्मा मौजूद थे।

, 21 अक्तूबर. हरोली के रोड़ा में करीब 100 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं को समग्र योजना के तहत आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को क्षेत्र का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि के उपयोग सहित भविष्य की जरूरतों पर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हेलीपोर्ट का काम जुलाई 2027 तक पूरा करने के लक्ष्य के अनुरूप तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी भूमि के नियोजित उपयोग, पार्किंग और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री ने हेलीपोर्ट के साथ करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई परियोजनाएं एक साथ विकसित की जा रही हैं। ऐसे में इनके बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि भवनों, पार्किंग,जलनिकासी और अन्य सुविधाओं के विकास में भविष्य में कोई बाधा न आए।

भूमि उपयोग को लेकर स्पष्ट हो योजना

मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोड़ा में उपलब्ध सरकारी भूमि का उपयोग विभिन्न परियोजनाओं के अनुरूप स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए। किस परियोजना के लिए कौन-सी भूमि इस्तेमाल होगी और भवनों, पार्किंग तथा अन्य सुविधाओं के लिए कहां जगह रखी जाएगी, इसका पूरा खाका तैयार किया जाए। जरूरत पड़ने पर आर्किटेक्ट की मदद लेकर पूरे क्षेत्र की समग्र योजना बनाई जाए, ताकि विकास कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

उन्होंने  कहा कि परियोजनाओं में जल निकासी और पार्किंग सहित सभी जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सहित संबंधित अधिकारियों को कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

न्यू हरोली विकास पथ के साथ विकसित होंगी सुविधाएं

सोमभद्रा पुल से हरोली जल शक्ति भवन तक के मार्ग को न्यू हरोली विकास पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ उपलब्ध भूमि पर कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैफिक पार्क का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से जल शक्ति भवन का निर्माण किया गया है।

इसके अलावा पांच करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने पर एक ही स्थान पर ड्राइविंग टेस्ट, वाहनों की फिटनेस जांच और पासिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। क्षेत्र में न्यायिक परिसर, इंडोर स्टेडियम, मेला ग्राउंड, उद्योग विभाग के कार्यालय और पूर्व सैनिक भवन जैसी परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं।

इन पूर्ण, निर्माणाधीन और प्रस्तावित परियोजनाओं को मिलाकर क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को क्षेत्र की मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण बाद में बदलाव की जरूरत न पड़े।

इस दौरान उनके साथ महासचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी रणजीत राणा, प्रधान ग्राम पंचायत बीटन योगराज योगा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग हरबंश लाल शर्मा, अधिशाषी अभियंता नितिन चौधरी,  तहसीलदार हरोली राजन शर्मा मौजूद थे।