करसोग। एसडीएम एवं सचिव, नगर पंचायत करसोग अलीशा चौहान ने बताया कि शहरी स्थानीय निकायों की बीपीएल सूची में पात्र परिवारों को शामिल करने तथा अपात्र परिवारों को सूची से बाहर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके दृष्टिगत उन्होंने नगर पंचायत करसोग के सभी वार्डों के लोगों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित मानदंडों के अनुसार अपनी पात्रता की जांच करें तथा बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए आवश्यक दस्तावेज 10 नवंबर, 2026 तक जमा करवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि बीपीएल सूची में शामिल होने के इच्छुक पात्र परिवार अपने संबंधित वार्ड सदस्य के माध्यम से या सीधे नगर पंचायत करसोग कार्यालय में अपना आवेदन, आवश्यक दस्तावेज जमा करवा सकते हैं। पात्रता का निर्धारण प्रस्तुत दस्तावेजों और तथ्यों के सत्यापन के उपरांत निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार संबंधित शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्र में सामान्य रूप से रहने वाले ऐसे परिवार, जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 75 हजार रुपए से अधिक न हो। ऐसे परिवार जो बेघर और बेसहारा हो तथा कानूनी रूप से बंधुआ मजदूरी से मुक्त करवाए गए श्रमिकों के परिवारों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, एक कमरे वाले कच्चे मकान में रहने वाले परिवार, 27 से 59 वर्ष की आयु के मध्य किसी वयस्क सदस्य के बिना रहने वाले परिवार, तथा 27 से 59 वर्ष के आयु वर्ग में वयस्क पुरुष सदस्य के बिना महिला मुखिया वाले परिवार पात्र होंगे। इसमें विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा या परित्यक्त महिलाओं के नेतृत्व वाले परिवार भी शामिल हैं।
गंभीर बीमारी से प्रभावित परिवारों को भी राहत
एसडीएम एवं सचिव ने बताया कि ऐसे परिवारों को भी पात्रता के आधार पर बीपीएल सूची में शामिल करने के लिए विचार किया जाएगा, जिनके घर में कमाने वाला मुखिया गंभीर बीमारी से पीड़ित है और जिसके कारण परिवार को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें कैंसर, अल्जाइमर रोग, पार्किंसन रोग, मस्कुलर डिस्ट्राॅफी, हीमोफीलिया और थैलेसीमिया जैसी बीमारियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले सदस्य परिवार भी पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि भूमिहीन परिवार, मुख्य रूप से दिहाड़ी मजदूरी अथवा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले परिवार तथा ऐसे परिवार जिनमें केवल अनाथ या बुजुर्ग सदस्य हों और कोई वयस्क कमाऊ सदस्य न हो, भी निर्धारित शर्तों के तहत पात्रता के लिए विचारणीय होंगे। उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारी से संबंधित मामलों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
यह होंगे अपात्र
अलीशा चौहान ने बताया कि संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार मोटर चालित दोपहिया वाहन, चारपहिया वाहन या पंजीकृत कृषि मशीनरी जैसे ट्रैक्टर और हार्वेस्टर रखने वाले परिवार अपात्रता के दायरे में आएंगे। इसी प्रकार केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सरकारी सहायता प्राप्त स्वायत्त संस्थानों तथा स्थानीय निकायों में कार्यरत कर्मचारी वाले परिवार, सरकारी क्षेत्र में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कर्मचारी तथा कंपनी के वेतनभोगी कर्मचारी वाले परिवार भी निर्धारित नियमों के अनुसार अपात्र होंगे।
उन्होंने बताया कि व्यावसायिक उद्देश्य से पंजीकृत उद्यम संचालित करने वाले परिवार, घरेलू एवं व्यावसायिक बिजली कनेक्शनों की कुल मासिक खपत 125 यूनिट से अधिक होने वाले परिवार तथा जिन परिवारों का कोई सदस्य जीएसटी पंजीकरण, आयकर या व्यावसायिक कर का भुगतान करता है, दो या अधिक पक्के कमरे या पक्की छत वाले मकान में रहने वाले परिवारों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार अपात्र माना जाएगा।