शिमला। एचआरटीसी पेंशनर संघ संघर्ष समिति ने निगम मुख्यालय घेराव के प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि उपमुख्यमंत्री द्वारा एचआरटीसी पेंशनरों को 3 प्रतिशत डीए देने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बाद आज निगम मुख्यालय में प्रबंध निदेशक और मुख्य लेखा अधिकारी से हुई बैठक में इसकी पुष्टि भी की गई।
राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि समिति ने अपनी मांगों के समर्थन में 3 नवंबर को निगम मुख्यालय घेराव का आह्वान किया था, लेकिन निगम के प्रबंध निदेशक के तबादले और रामपुर विधायक स्वर्गीय नंदलाल के निधन के कारण आंदोलन को स्थगित करना पड़ा। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने निगम अधिकारियों के साथ पेंशनरों की मांगों को लेकर चर्चा की और 3 प्रतिशत डीए देने के निर्देश जारी किए। निगम प्रबंधन ने समिति को बताया कि 3 प्रतिशत डीए 1 अक्टूबर 2026 से पेंशन के साथ देय होगा और इसके आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पेंशनरों का अभी 5 प्रतिशत डीए लंबित है। इस पर सरकार और निगम प्रबंधन की ओर से अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। समिति ने मांग की है कि शेष 5 प्रतिशत डीए पर जल्द निर्णय लिया जाए और जब भी इसकी घोषणा हो, कर्मचारियों तथा पेंशनरों को एक साथ इसका लाभ दिया जाए। समिति ने स्पष्ट किया कि 3 प्रतिशत डीए की तरह 5 प्रतिशत डीए में पेंशनरों के साथ किसी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मेडिकल अलाउंस के लंबित मामलों पर दिवाली से पहले समाधान का आश्वासन
राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि मेडिकल अलाउंस के लिए प्रदेश सरकार की ओर से पहले ₹20 करोड़ जारी किए गए थे, लेकिन कुछ यूनिट में 31 मार्च 2026 की कटऑफ तिथि पूरी नहीं होने के कारण मामले लंबित रह गए थे। समिति ने सभी डिपो के लिए 31 मार्च 2026 की समान कटऑफ तिथि स्पष्ट करने की मांग रखी है। निगम प्रबंधन ने इसे दिवाली से पहले स्पष्ट करने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 के बाद सेवानिवृत्त हुए कई एचआरटीसी कर्मचारियों को अभी तक पेंशन नहीं मिल पाई है। ऐसे 40 पेंशनरों ने कम्यूटेशन नहीं लेने का विकल्प निगम प्रबंधन को दिया है। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि इन 40 लोगों की पेंशन इसी महीने शुरू कर दी जाएगी।
दिवाली से पहले पेंशन मिलने का भी आश्वासन
राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि निगम प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के वेतन के लिए ₹38 करोड़ और पेंशन के लिए ₹20 करोड़ की सरकारी ग्रांट प्राप्त हो चुकी है। ऐसे में इस महीने की पेंशन दिवाली से पहले पेंशनरों के खातों में पहुंचाने का आश्वासन दिया गया है।
बैठक के बाद संयुक्त कार्रवाई समिति के सदस्यों ने विचार-विमर्श कर आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया। समिति ने 3 प्रतिशत डीए जारी करने के लिए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और निगम प्रबंधन का पेंशनरों की ओर से आभार जताया।
पेंशन संशोधन के एरियर का मुद्दा भी उठाया
राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी पेंशनरों के कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी लंबित हैं। इनमें पेंशन संशोधन का एरियर प्रमुख है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पेंशनरों को उनके लंबित देय राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि एचआरटीसी पेंशनरों को अभी तक उनका बकाया नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार के पेंशनरों को दिए जा चुके देय लाभों की तर्ज पर एचआरटीसी पेंशनरों को भी उनका बकाया जारी किया जाए।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि शेष 5 प्रतिशत डीए के मामले में पेंशनरों के साथ भेदभाव किया गया या लंबित देय राशि के मुद्दे पर उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो स्थगित आंदोलन को दोबारा शुरू किया जाएगा। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि त्योहारों के मौसम को देखते हुए फिलहाल आंदोलन टाला गया है, लेकिन पेंशनरों के हितों की अनदेखी होने पर संघर्ष फिर तेज किया जाएगा।