ट्राई ने ‘इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर (चौथा संशोधन) विनियमन, 2026’ जारी किया

नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने  ‘इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर (चौथा संशोधन) विनियमन, 2026’ जारी किया। ये विनियमन 1 जनवरी, 2027 से प्रभावी होंगे।

दूरसंचार क्षेत्र में इंटरकनेक्शन से तात्पर्य उन वाणिज्यिक और तकनीकी व्यवस्थाओं से है, जिनके माध्यम से दो या दो से अधिक दूरसंचार नेटवर्क आपस में जुड़ते हैं। इससे उनके बीच दूरसंचार ट्रैफिक का आदान-प्रदान संभव होता है और विभिन्न सेवा प्रदाताओं के उपयोगकर्ता निर्बाध रूप से एक-दूसरे से संवाद कर पाते हैं। इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर विनियमन, 1999 सेवा प्रदाताओं के बीच किए गए इंटरकनेक्ट समझौतों के पंजीकरण और उनके रखरखाव के लिए विनियामक ढांचा प्रदान करते हैं।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(ख) के उपखंड (vii) और (viii) के तहत, अन्य बातों के साथ-साथ, ट्राई को इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर बनाए रखने तथा निर्धारित शुल्क के भुगतान और अन्य निर्दिष्ट आवश्यकताओं की पूर्ति के अधीन इसे सार्वजनिक निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराने का अधिकार प्राप्त है।

सेवा प्रदाताओं के बीच कुशल इंटरकनेक्शन सुनिश्चित करने तथा इंटरकनेक्शन से संबंधित वर्तमान विनियामक ढांचे की प्रासंगिकता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से, ट्राई ने दिनांक 03.04.2025 को ‘इंटरकनेक्शन मामलों पर ट्राई के मौजूदा विनियमों की समीक्षा’ विषय पर एक पूर्व-परामर्श पत्र जारी कर विनियामक ढांचे की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की। इस पूर्व-परामर्श पत्र के माध्यम से हितधारकों से टिप्पणियां आमंत्रित की गईं, ताकि अन्य बातों के साथ-साथ इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर विनियमन, 1999 की भी समीक्षा की जा सके।

इसके बाद, पूर्व-परामर्श प्रक्रिया के दौरान प्राप्त हितधारकों की टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए तथा पृष्ठभूमि संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, ट्राई ने 10.11.2025 को ‘इंटरकनेक्शन मामलों पर ट्राई के वर्तमान विनियमनों की समीक्षा’ विषय पर एक परामर्श पत्र जारी किया। इस परामर्श पत्र के माध्यम से हितधारकों से टिप्पणियां आमंत्रित की गईं, ताकि अन्य बातों के साथ-साथ इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर विनियमन, 1999 की भी समीक्षा की जा सके। समय-सीमा बढ़ाए जाने के बाद, लिखित टिप्पणियां और उन पर प्रति-टिप्पणियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथियां क्रमशः 15.12.2025 और 29.12.2025 निर्धारित की गई थीं।

परामर्श पत्र में उठाए गए मुद्दों के संबंध में 17 हितधारकों ने अपनी टिप्पणियां प्रस्तुत कीं, जबकि 9 हितधारकों ने प्रति-टिप्पणियां प्रस्तुत कीं। परामर्श प्रक्रिया के तहत, 28.01.2026 को परामर्श पत्र पर एक खुली परिचर्चा (ओपन हाउस डिस्कशन-ओएचडी) आयोजित की गई। परामर्श प्रक्रिया के दौरान हितधारकों से प्राप्त टिप्पणियों और उनके विश्लेषण पर विचार करने के बाद, ट्राई ने इंटरकनेक्ट समझौतों का रजिस्टर (चौथा संशोधन) विनियमन, 2026 को अंतिम रूप दे दिया है।