प्रधानमंत्री ने सिंधु अस्पताल में नवीनतम आधुनिक और नवाचार पर दिए गए जोर की सराहना की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हैदराबाद में सिंधु अस्पताल का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने कहा…

नीति आयोग के राज्य सहायता मिशन के अंतर्गत सतत विकास के पांचवें लक्ष्य लैंगिक समानता पर कार्यशाला का आयोजन

नई दिल्ली। नीति आयोग ने आईआईएम अहमदाबाद, गेट्स फाउंडेशन और गुजरात सरकार के सहयोग से राज्य सहायता…

घाटों से होकर सुरक्षित यात्रा की ओर: इंदौर-खंडवा राजमार्ग के रूपांतरण से जुड़ी पहल,, पहाड़ी क्षेत्र में यात्रा सुगम बनाने के लिए तीन सुरंगें

नई दिल्ली।इंदौर और खंडवा के बीच घुमावदार घाट वाली सड़कों पर वर्षों से केवल वाहन ही नहीं चलते थे। इन पर चिंता, देरी और अनिश्चितता भी छाई रहती थी। सिमरोल के किसान प्रदीप गौली को वे यात्राएँ अच्छी तरह याद हैं। उपज को बाजार तक ले जाना केवल दूरी की बात नहीं थी; यह जोखिम से भी जुड़ा था। तीखे मोड़, यातायात की भीड़ और कठिन घाट वाले इलाकों में वाहनों के पलटने का निरंतर भय, मंडी और बाजारों तक समय पर पहुंचना भी अनिश्चित बना देता था। खराब माल और बाजार के अवसरों का नुकसान, इस कठिन सड़क की कीमत का हिस्सा थे। हालांकि, यह वास्तविकता अब बदलने की दहलीज़ पर है। इंदौर-इच्छापुर कॉरिडोर के अंतर्गत, 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवारा खंड राष्ट्रीय राजमार्ग -347 बीजी को दो लेन से चार लेन में बदलने से इंदौर और खंडवा जैसे प्रमुख शहरों के बीच संपर्क मजबूत होगा। यह केवल सड़क चौड़ीकरण नहीं है। यह मध्य प्रदेश के एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संपर्क की पुनर्कल्पना है। इस कॉरिडोर के रास्ते उज्जैन और ओंकारेश्वर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को ले जाने वाले ड्राइवर रणजीत सिंह के लिए यह यात्रा हमेशा से ही सावधानी की मांग करती रही है। संकरी दो लेन वाली सड़कें, चुनौतीपूर्ण घाट खंडों से गुजरते हुए तीखे मोड़, बढ़ता यातायात और लगातार होने वाली दुर्घटनाएं हर यात्रा को ड्राइवर और यात्रियों दोनों के लिए तनावपूर्ण बना देती थीं। सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं थी और देरी होना आम बात थी। वर्षों से सड़क की इस हालत को देख रहे एक स्थानीय निवासी याद करते हुए बताते हैं कि कैसे बसें ढलानों से नीचे गिर जाती थीं और 10 किलोमीटर तक लंबा जाम लग जाता था, जो कभी-कभी कई दिनों तक लगा रहता था। ये छिटपुट घटनाएं नहीं थीं, बल्कि एक ऐसा सिलसिला था जिसने लोगों के जीवन, स्वास्थ्य सेवाओं और आजीविका को बाधित किया। महत्व और बुनियादी ढांचे के बीच इस अंतर ने एक अत्यावश्यक आवश्यकता को उजागर किया: एक आधुनिक, कुशल कॉरिडोर जो न केवल यात्रा को आसान बना सके, बल्कि आर्थिक प्रवाह को मजबूत कर सके, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दे सके और तेजी से विकसित हो रहे परिवहन नेटवर्क की मांगों को पूरा कर सके। पहाड़ी क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए तीन सुरंगों का निर्माण इंदौर के पास तीन सुरंगों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ये सुरंगें नई ऑस्ट्रियन टनलिंग विधि (एनएटीएम) का उपयोग करके बनाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में वाहनों का आवागमन, विशेष रूप से मानसून और व्यस्त यातायात के समय में अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा। इनमें भेरूघाट सुरंग (575 मीटर), बैग्राम सुरंग (480 मीटर) और चोराल घाट सुरंग (550 मीटर) शामिल हैं। यह विकास सरकार द्वारा क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए शुरू की गई इंदौर-इच्छापुर कॉरिडोर पहल का हिस्सा है। भेरूघाट और चोराल घाट जैसे प्रमुख यातायात अवरोधों की समस्या इन सुरंगों के निर्माण से स्थायी रूप से हल हो जाएगी और दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।       परियोजना की प्रमुख विशेषताएं: ● इंदौर-इच्छापुर कॉरिडोर के अंतर्गत एनएच-347बीजी के 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवारा खंड का 4 लेन का निर्माण ● प्रगति स्थिति: 88 प्रतिशत पूर्ण…

भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा नीति वार्ता का 10वां दौर नई दिल्ली में आयोजित हुआ

नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा नीति वार्ता का 10वां दौर नई दिल्ली में…

भारतीय मानक ब्यूरो अंतरिक्ष सुरक्षा, संचालन और सततता के भविष्य को आकार देने के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया,, 13 देशों के 131 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया

नई दिल्ली। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), जो भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय है, ने नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय…

भारत विमान पट्टा एवं वित्तपोषण सम्मेलन 2.0 का आयोजन

नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) और फेडरेशन ऑफ…

भारत ने 2026 की अध्यक्षता के तहत ब्रिक्स एमएसएमई सहयोग को आगे बढ़ाया

नई दिल्ली। भारत 2026 में ब्रिक्स के अध्यक्ष के रूप में नई औद्योगिक क्रांति पर ब्रिक्स साझेदारी (पार्टएनआईआर)…

डीआरडीओ और भारतीय वायु सेना ने सामरिक उन्नत रेंज संवर्धन हथियार का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया

नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने 7 मई,…

रक्षा राज्य मंत्री नई दिल्ली में देश के पहले अंतर्राष्ट्रीय नेत्र विज्ञान अनुसंधान सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे

नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) का नेत्र रोग विभाग अखिल भारतीय…

किसानों की समस्या पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का तत्काल फैसला, लीची संकट पर बनी विशेषज्ञ कमेटी

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने बिहार…