
कुल्लू। उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने आज राजस्व अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि 2 साल से पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटान सुनिश्चित बनाये।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अश्वनी कुमार, सभी उपमंडलाधिकारी, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
भू राजस्व से सम्बंधित कार्यों की समीक्षा
बैठक में किसान सम्मान निधि, निशानदेही से सम्बंधित, न्यायालय में चल रहे राजस्व मामलों, राजस्व प्रविष्टियों की अपील करेक्शन, निशानदेही अपील, इंतकाल अपील, आपराधिक मामलों से सम्बंधित अपील, अवैध कब्जों को लेकर अपील, बैंक ऋण वसूलियां, हुकमी और खानगी तकसीम, हिमाचल प्रदेश भू राजस्व अधिनियम की धारा 163 के अंतर्गत अवैध कब्जा मामलों, बेदखली वारंट, राजस्व प्रविष्टियों की शुद्धि इत्यादि को लेकर मद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने सम्बंधित एसडीएम और तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को उपरोक्त मुद्दों के अंतर्गत लंबित पड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
इसके साथ ही इस बैठक में सरकारी विभागों के पास कब्जे में खाली पड़ी भूमि को भी चिन्हित करने को कहा गया. उपायुक्त ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर पुरानी लंबित जमा को बंदियों को तस्दीक करवाने के बाद भू अभिलेख कक्ष (land records room) में दाखिल करने, इंतकाल कंप्यूटर में दर्ज करने के भी निर्देश दिए. जिले में कानूनगो और पटवार भवनों के मरम्मत और निर्माण के कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा करने को कहा गया. उन्होंने कहा कि जहां अभी तक कार्य नहीं चला है, वहां शीघ्र भूमि चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि तकसीम विशेषकर खानगी तकसीम, भूमि की निशानदेही व इंतकाल के मामलों को समय पर निपटारा करें ताकि लोगों को राजस्व सम्बन्धी मामलों मे तहसील के चक्कर न काटने पड़े।
उपायुक्त ने राजस्व रिकॉर्ड संबंधी प्रविष्टियां को दुरुस्त करने के लिए भी तीव्रता से मामलों को निपटाना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निशान देही के मामलों को सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार तीन महीने के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निपटान करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने इस संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि पार्टीशन के जिन मामलों में अधिक पक्षकार हैं, उन मामलों को आदेश के स्तर तक पहुंचने में द्रुत गति से कार्य करें ताकि इन मामलों में अधिक समय तक लंबित न रहे।
उपायुक्त ने फौजदारी मुकदमों, रिकवरी के मामले में भी समयबद्ध निपटान सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालत से पहले ही अधिकतर मामलों का निपटान सुनिश्चित करें ताकि राजस्व अदालत में कम से कम मामले पहुंच सके।
उपायुक्त ने कृषि जनगणना, राजस्व रिकॉर्ड के कंप्यूटरीकरण के अंतर्गत जमाबंदियों को ऑनलाइन अपलोड करना पुराने तथा नए इंतकालों को ऑनलाइन करने के कार्यों को तेजी से अमली जामा पहनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने तहसील अथवा सब तहसील के स्तर पर पटवारखाना तथा कानूनगो भवन के निर्माण अथवा मुरमत के कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा जिन भवनों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं उनका उपयोगिता प्रमाण पत्र इस कार्यलय को शीघ्र भेजने के निर्देश दिए।