राजपुरा में राष्ट्रीय पेशापल्लो चैंपियनशिप का अभ्यास शिविर 14 से

शिमला। बीबीएन नालागढ़ के राजपुरा में 14 जनवरी 2026 से राष्ट्रीय स्तरीय पेशापल्लो चैंपियनशिप के लिए अभ्यास शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी पेशापल्लो एसोसिएशन ऑफ हिमाचल प्रदेश के सचिव डॉ. रमेश राजपूत ने दी।

16 से 18 जनवरी तक हरियाणा के जींद में राष्ट्रीय प्रतियोगिता

डॉ. रमेश राजपूत ने बताया कि 16 से 18 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय पेशापल्लो चैंपियनशिप हरियाणा के जींद में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में देश के लगभग 16 राज्य भाग ले रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश की ओर से चार टीमें—सीनियर पुरुष, सीनियर महिला, जूनियर बॉयज और जूनियर गर्ल्स वर्ग—प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी।

हिमाचल से 48 खिलाड़ी लेंगे भाग

उन्होंने बताया कि यह वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय पेशापल्लो चैंपियनशिप है, जिसमें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से चारों वर्गों के कुल 48 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। वर्तमान समय में यह खेल हिमाचल प्रदेश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

मई 2026 में जिला व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं

डॉ. राजपूत ने कहा कि मई 2026 में हिमाचल प्रदेश में इस खेल की जिला और राज्य स्तरीय चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी। इसी दौरान खेल विभाग द्वारा खेलो इंडिया और ओलंपिक खेलों के लिए पेशापल्लो का डेमोंस्ट्रेशन भी किया जाना प्रस्तावित है, जिसकी लगभग सभी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं।

हिमाचल का राष्ट्रीय स्तर पर गौरवशाली इतिहास

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश वर्ष 2016 से लगातार राष्ट्रीय स्तर पर इस खेल में भाग ले रहा है। उस समय प्रकाश ठाकुर और शालू राज्य के पहले राष्ट्रीय खिलाड़ी बने थे।
वर्ष 2023 में पेशापल्लो फेडरेशन कप दीप चंद शर्मा की अध्यक्षता में बिलासपुर के लुहणु मैदान में आयोजित किया गया था।

राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे हिमाचली खिलाड़ी

अब तक हिमाचल प्रदेश से अंकुश राजपूत, दीपिका ठाकुर, अनमोल शर्मा, मनवीर राजपूत, अमन राणा, तेजस, भूपेश, सौरभ शर्मा, नमन चंदेल, करण ठाकुर, शिवम्, गौरव, कपिल, विकास और आरव जैसे कई खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
नशा मुक्ति में खेलों की अहम भूमिका
डॉ. रमेश राजपूत ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे की ओर अग्रसर हो रही है और नशे से मुक्ति के लिए खेल सबसे प्रभावी माध्यम है। खेल न केवल व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करता है, बल्कि उसे नशे से भी दूर रखता है।

 

नशे के खिलाफ अभियान के लिए सरकार का आभार

उन्होंने हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में सभी को सहयोग देना चाहिए। साथ ही उन्होंने सभी स्कूलों में शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति को अनिवार्य बताया और कहा कि बिना शारीरिक शिक्षक के अनुशासन और खेल उसी प्रकार अधूरे हैं, जैसे बिना पढ़े-लिखे इंसान।

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