
शिमला। चक्कर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हर वर्ष की तरह इस बार भी खिचड़ी प्रसाद का आयोजन किया गया। यह आयोजन चक्कर व्यापार मंडल और चक्कर के स्थानीय लोगों के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया।

इस आयोजन में नरेश शर्मा, अशोक शर्मा, जयंत शर्मा, हरि शंकर, अनिल गुलेरिया, सचिन,राहुल और देस राज ठाकुर का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम हर साल नियमित रूप से आयोजित किया जाता है और इसका उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को जीवित रखना तथा आपसी भाईचारे को मजबूत करना है।
खिचड़ी का धार्मिक महत्व
मकर संक्रांति पर खिचड़ी का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और तिल, दाल व चावल से बनी खिचड़ी का दान व सेवन शुभ फलदायी माना जाता है। खिचड़ी को सादा, सात्विक और पौष्टिक भोजन माना जाता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है और ऋतु परिवर्तन के समय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।
मान्यता है कि मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा समाज में समानता और सेवा की भावना का प्रसार होता है। इसी परंपरा को निभाते हुए चक्कर में हर साल यह आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है, जिसे स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग मिलता है।