चौधरी ने अपनी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मुसेवेनी को उनके सातवें कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत की जनता की ओर से बधाई दी और सद्भावना का संदेश दिया। चौधरी ने राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने में राजनीतिक निरंतरता और स्थिरता के महत्व के बारे में चर्चा करते हुए, युगांडा की निरंतर प्रगति को स्वीकारा और युगांडा तथा अफ्रीकी महाद्वीप के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी को सुदृढ़ करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
चौधरी ने जिंजा में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू-आई) युगांडा परिसर (कैंपस) का भी दौरा किया, जो भारत का पहला विदेशी सार्वजनिक शैक्षणिक कैंपस है। इस कैंपस में अक्टूबर 2025 में पहले बैच के छात्रों का नामांकन किया था।
चौधरी ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि यह कैंपस बहु-विषयक फोरेंसिक विज्ञान, अनुसंधान एवं विकास और क्षमता निर्माण के उत्कृष्ट केंद्र बन कर उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान भारत और अफ्रीका के बीच सहयोग, मित्रता और साझा आकांक्षाओं की भावना का प्रतीक है।
चौधरी ने कंपाला में भारतीय प्रवासियों के साथ भी बातचीत की, जो भारत और युगांडा के लोगों के बीच प्रगाढ़ संबंधों को दर्शाते हैं। इस यात्रा से युगांडा के साथ सहयोग और बढ़ाने की भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को और बल मिला है।



