शिमला। राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी), शिमला में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चिकित्सकों के समर्पण, सेवा भावना और स्वास्थ्य सेवाओं में उनके अमूल्य योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया गया। साथ ही अस्पताल प्रशासन विभाग द्वारा “Emerging Trends in Hospital Operations and Roadmap for IGMC” विषय पर एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अस्पताल प्रशासन से जुड़े चिकित्सकों और अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को आधुनिक अस्पताल प्रबंधन, नई चुनौतियों, स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे बदलाव तथा आईजीएमसी के भविष्य के विकास की कार्ययोजना से अवगत कराना था।
इस अवसर पर आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक एवं अस्पताल प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल राव ने सभी चिकित्सकों को डॉक्टर दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर समाज की सेवा का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने अस्पताल की दैनिक कार्यप्रणाली, सेवा गुणवत्ता में सुधार और संस्थान के भावी रोडमैप पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।यह दिन भारत के महान चिकित्सक, शिक्षाविद और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय (डॉ. बी. सी. रॉय) के सम्मान में मनाया जाता है। 1 जुलाई को उनकी जयंती और पुण्यतिथि दोनों होती है।भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस दिवस को मनाने की शुरुआत साल 1991 में की थी। यह दिन समाज में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान, उनकी कड़ी मेहनत और निस्वार्थ सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है।
कार्यक्रम में अस्पताल प्रशासन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अभिषेक ठाकुर ने “Recent Trends in Hospital Administration and Emerging Challenges” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन में तकनीकी नवाचार, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्ता आश्वासन, रोगी सुरक्षा तथा बदलती स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी।