नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने आज नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में अपना 74वां स्थापना दिवस मनाया, जो एक सांविधिक भविष्य निधि संगठन से भारत के अग्रणी सामाजिक सुरक्षा संस्थानों में से एक बनने की उसकी यात्रा को दर्शाता है। साथ ही, इसमें तकनीक-आधारित सेवा वितरण, शासन में करुणा और लाखों श्रमिकों व पेंशनभोगियों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
इस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री और केंद्रीय न्यासी बोर्ड (ईपीएफ) के अध्यक्ष डॉ. मनसुख मांडविया ने की। इस अवसर पर श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव श्री चंद्र भूषण कुमार, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री रमेश कृष्णमूर्ति, केंद्रीय न्यासी बोर्ड के सदस्य, श्रमिक, नियोक्ता और अन्य हितधारक भी उपस्थित थे।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अपनी 74 साल की यात्रा के दौरान ईपीएफओ देश के कार्यबल के लिए एक विश्वसनीय संस्था के रूप में उभरा है। उन्होंने उल्लेख किया कि संगठन में व्यक्त किया गया विश्वास 8 करोड़ से अधिक सदस्यों के अंशदान से जमा हुए 32 लाख करोड़ रुपये के कोष में परिलक्षित होता है, जो ईपीएफओ के कर्मचारियों के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के कारण ही संभव हुआ है।

डॉ. मांडविया ने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक सुरक्षा मानवीय संवेदनाओं पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की हर चिंता और शिकायत का समाधान करुणा व सहानुभूति के साथ किया जाना चाहिए तथा प्रत्येक श्रमिक को वह सम्मान और गरिमा दी जानी चाहिए जिसके वे राष्ट्र-निर्माता के रूप में हकदार हैं। सीआईटीईएस 2.01 जैसे तकनीकी बदलावों के पीछे किए गए निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने सभी अधिकारियों से अंतिम छोर के श्रमिकों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बताए गए ‘पंच प्रण’ से प्रेरणा लेने का आग्रह किया। डॉ. मांडविया ने कहा, “सेवा ही हमारा संस्कार हैं।” उन्होंने सभी को विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे ईपीएफओ के 75वें वर्ष के मद्देनजर विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिक-केंद्रित नवाचारों पर ध्यान केंद्रित करें तथा बदलते समय के अनुरूप प्रक्रियाओं को अपनाएं, उन्हें सुदृढ़ बनाएं और उन्हें विकसित करें। उन्होंने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं तथा ईपीएफओ के सभी अधिकारियों, सदस्यों और लाभार्थियों के जीवन में सफलता व समृद्धि की कामना की।