प्रदेश के स्कूलों में तीसरी, छठी, नौवीं कक्षा के बच्चों के लिए कराया गया मॉक टेस्ट

तीसरे मॉक टेस्ट में सरकारी स्कूलों के साथ निजी स्कूलों के बच्चे भी हुए शामिल

शिमला। प्रदेश में 4 दिसंबर को होने जा रहे परख सर्वेक्षण -24 (PARAKH) से पहले आज स्कूलों में मॉक टेस्ट कराया गया। यह तीसरा मॉक टेस्ट था, जिसमें सरकारी स्कूलों के साथ निजी स्कूलों के बच्चे भी शामिल हुए।
स्कूली बच्चों के सीखने की क्षमता परखने के लिए 4 दिसंबर को हिमाचल के स्कूलों में भी परख सर्वे (PARAKH) होगा। इसके लिए अबकी बार प्रदेश के स्कूलों में बड़े स्तर पर तैयारियां कराई जा रही हैं। स्कूलों में कराई जा रही इन तैयारियों का आकलन करने के लिए समग्र शिक्षा मॉक टेस्ट भी करा रहा है, जिससे कि इनमें पाई जाने वाली कमियों को दूर किया जा सके। इसी कड़ी में आज प्रदेश के स्कूलों में तीसरा मॉक टेस्ट कराया गया। इस मॉक टेस्ट में करीब 18 हजार स्कूलों के तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के छात्र शामिल हुए। यह टेस्ट स्कूलों में सुबह 10.30 बजे आरंभ हुआ। इसको लेकर स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। यह टेस्ट ओएमआर शीट पर लिया गया, जिसके लिए प्रश्न पत्र भी बच्चों को उपलब्ध कराए गए। इस टेस्ट के माध्यम से तीसरी व छठी कक्षा के बच्चों का भाषा, गणित और द वर्ल्ड अराउंड अस (ईवीएस) और 9वीं कक्षा के बच्चों का भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों का ज्ञान परखा गया।
इससे पहले स्कूलों में दो मॉक टेस्ट कराए जा चुके हैं। पहला मॉक टेस्ट 10 सितंबर और दूसरा 9 अक्टूबर को कराया हुआ था। इन दोनों टेस्ट के रिजल्ट का समग्र शिक्षा और शिक्षा विभाग द्वारा आकलन किया गया और इसके बाद इनमें पाई गई कमियां दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।
आज कराए गए मॉक टेस्ट की आंसर-की स्कूलों के साथ कल शेयर की जाएगी, जिसके आधार पर शिक्षक बच्चों की ओएमआर शीट का आकलन करेंगे । स्कूल इसकी रिपोर्ट गूगल शीट के माध्यम से समग्र शिक्षा निदेशालय और शिक्षा विभाग के साथ शेयर करेंगे।
प्रदेश सरकार द्वारा भी परख सर्वे की तैयारियों लेकर समग्र शिक्षा और शिक्षा विभाग को विशेष हिदायतें दी गई हैं। प्रदेश के सभी स्कूलों में इसके लिए विशेष तैयारियां कराने को कहा गया है। इसके बाद सभी स्कूलों में बच्चों की प्रैक्टिस कराने के लिए अलग से जीरो ऑवर (जीरो पीरियड) लगाए जा रहे। समग्र शिक्षा की ओर से परख सर्वे में आने वाले संभावित प्रश्नों पर सामग्री तैयार कर इनको स्कूलों को उपलब्ध कराया गया है ताकि बच्चों की प्रैक्टिस इनके अनुरूप कराई जा सके। यही नहीं समग्र शिक्षा के विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) के अभ्यास चैटबॉट पर भी बच्चों की क्षमता संबंधी सवालों का प्रश्न बैंक स्कूलों को उपलब्ध कराया गया है। स्कूली बच्चों को बाकायदा ओएमआर शीट पर प्रैक्टिस कराई जा रही है और मॉक टेस्ट भी ओएमआर शीट पर ही कराए गए।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले साल 2021 में कराए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे में हिमाचल का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। यही वजह है कि प्रदेश सरकार परख सर्वे को लेकर काफी गंभीर है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर स्वयं इसकी तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। वे इसको लेकर अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक भी कर चुके हैं ताकि परख सर्वे में बच्चे बेहतर प्रदर्शन कर सके। शिक्षा मंत्री इसके लिए प्रदेश के करीब 10 हजार सरकारी शिक्षकों के साथ वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से संवाद भी कर चुके हैं। इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने वेबिनार के माध्यम से निजी स्कूलों को भी इसकी तैयारियों को लेकर जरूरी निर्देश दिए। उम्मीद है कि अबकी बार परख सर्वे में हिमाचल का प्रदर्शन बेहतर होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *