केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद आयुष में नैदानिक अनुसंधान बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सक्रिय रूप से शामिल

नई दिल्ली । आयुष मंत्रालय के तहत स्वायत्त संगठन, केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) ने आयुष अनुसंधान में अनुसंधान नेटवर्क स्थापित करने और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने की सिफारिशों को लागू करने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठाए हैं। पिछले तीन वर्षों में, सीसीआरएएस ने आयुर्वेद में साक्ष्य-आधारित प्रगति को बढ़ावा देने के लिए अंतःविषय और एकीकृत अनुसंधान के लिए सहयोगी नेटवर्क विकसित किए हैं। फिलहाल जारी सहयोगी अनुसंधान परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक के रूप में संलग्न है। इसके अलावा, सीसीआरएएस ने सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए कई पहल की हैं, जैसे मिशन उत्कर्ष, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) कार्यक्रम। इसके अलावा, सीसीआरएएस ने सरकारी आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए कई पहल की हैं, जैसे अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत आयुर्वेद मोबाइल स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (एएमएचसीपी-एससीएसपी), अनुसूचित जाति उप-योजना) के तहत प्रजनन और बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरसीएच-एससीएसपी और जनजातीय उप-योजना के तहत जनजातीय स्वास्थ्य देखभाल अनुसंधान कार्यक्रम (टीएचसीआरपी-टीएसपी)।

आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में अनुसंधान परिषदों और राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा प्रोटोकॉल को मानकीकृत करने, साक्ष्य-आधारित अनुसंधान करने और आयुष नैदानिक ​​अनुसंधान को एकीकृत करने के लिए विभिन्न अनुसंधान पहल और नैदानिक ​​परीक्षण किए जा रहे हैं। इसके बारे में विस्तृत जानकारी आयुष अनुसंधान पोर्टल (https://ayushportal.nic.in.) पर उपलब्ध है।

 

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