चंबा अग्रणी आकांक्षी जिला के रूप में उभरा

शिमला। योजना विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने आज यहां आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों तक समान विकास सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वंचित वर्गों का सामाजिक और आर्थिक उत्थान सुनिश्चित हो। दुर्गम और पिछड़े क्षत्रों का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित करने के लिए इन योजनाओं को शुरू किया जाता है।
उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत लोगों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को कल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सचिव स्तर पर हर तिमाही में समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर भी इन योजनाओं की प्रगति की निगरानी की जानी चाहिए। आकांक्षी जिला चंबा को विभिन्न समग्र मापदंडों में बेहतर प्रदर्शन करने के दृष्टिगत मार्च 2019 से फरवरी, 2025 तक 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सीएसआर के तहत 41.74 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जिला में एनएचपीसी, एसजेवीएन और सीएसआर के तहत 58.07 करोड़ रुपये की सात परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिला चंबा के पांगी, तीसा, जिला किन्नौर के पूह, जिला कुल्लू के निरमंड और जिला शिमला के कुपवी और छौहारा खंड को आकांक्षी खंडों के रूप में स्वीकृत किया गया है। वर्ष 2023 की सितम्बर तिमाही के लिए विभिन्न मापदंडों पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए वर्ष 2024-25 के लिए जिला चंबा के पांगी ब्लॉक को दो करोड़ रुपये और जिला किन्नौर के पूह को तीन करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला के रूप में चंबा और आकांक्षी ब्लॉक के रूप में प्रदेश के छः ब्लॉक विभिन्न मापदंडों पर बेहतरीन कार्य कर रहे हैं।
सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दुर्गम क्षेत्रों के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। सरकार की विशेष पहल के तहत पांगी उप-मंडल को प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उप-मंडल घोषित किया गया है। सरकार के इस निर्णय से क्षेत्र के लोग अपनी पारम्परिक कृषि पद्धतियों का संरक्षण कर सकेंगे। पांगी क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से उगाई गई जौ की खरीद की जा रही है और सरकार ने जौ के लिए 60 रुपये प्रतिकिलो ग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। दूर-दराज के पांगी क्षेत्र के लोगों के लिए पहली बार इस तरह की पहल की गई है।
बैठक में विभिन्न जिलोें के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

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