पांवटा साहिब। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की एक अनोखी और दिलचस्प शादी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। शिलाई क्षेत्र की बेटी रशिका नेगी ने न्यूजीलैंड से आई बारात के साथ पूरी तरह सनातनी और पहाड़ी रीति-रिवाजों में शादी रचाकर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया।
बीते दिन पांवटा साहिब के एक रिज़ॉर्ट में हुई इस अनूठी शादी में श्रीलंका मूल के दूल्हे दूमिन्दु विथानागे ने भारतीय परंपराओं के अनुसार सात फेरे लिए। रशिका ने विवाह से पहले ही स्पष्ट किया था कि शादी उसके गृह क्षेत्र में और परंपरागत तरीके से ही होगी। दूल्हे और उसके परिवार ने इस शर्त को पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया।
सात वचनों का अनूठा दृश्य
विवाह के दौरान सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब दूल्हे को लिए जाने वाले सात वचनों को मौके पर मौजूद इंटरप्रेटर ने अंग्रेजी और सिंहली भाषा में अनुवाद कर समझाया। श्रीलंकाई दूल्हे ने सभी वचनों को भावनात्मक रूप से स्वीकार किया।
विदेशी मेहमान भी हुए मंत्रमुग्ध
न्यूजीलैंड, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका आदि देशों से आए मेहमानों ने पहाड़ी संस्कृति में गहरी रुचि दिखाते हुए सिरमौरी नाटी और रासे पर जमकर नृत्य किया। विदेशी मेहमानों ने मेहंदी, हल्दी, वरमाला सहित सभी पारंपरिक रस्मों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सिरमौर की शादियां लगातार सुर्खियों में
कुछ समय पहले जोड़ीदार प्रथा के तहत हुई शादी और संविधान को साक्षी मानकर दो भाइयों की शादी ने प्रदेश में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। अब न्यूजीलैंड से आई यह विदेशी बारात सिरमौर की पहचान का नया चेहरा बन गई है।
नेताओं की मौजूदगी
शादी समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संस्कृति से जुड़ाव की मिसाल
दुल्हन रशिका का अपनी संस्कृति के प्रति प्रेम और विदेशी दूल्हे का भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक गौरव की अद्भुत मिसाल बन गया है।