
ऊना. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि साल 2027 तक हरोली देश का पहला ऐसा विधानसभा क्षेत्र बनेगा जहां हर घर-आंगन और हर खेत को पानी उपलब्ध होगा और पूरा क्षेत्र 100 प्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा से संपन्न होगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्षेत्र में योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध ढंग से निर्णायक कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समग्र और भविष्योन्मुखी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।
वे गुरुवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के सलोह स्थित बन बिहारी नंद ब्रह्मचारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने अकादमिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए 31 हजार रुपये देने की घोषणा की।
*शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य के समग्र विकास पर बल*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध ढंग से सीबीएसई पैटर्न पर विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही राजीव गांधी आदर्श राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल योजना के तहत आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल अधोसंरचना का समन्वय ही युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है। हरोली स्कूल को
राजीव गांधी आदर्श राजकीय डे-बोर्डिंग स्कूल के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
*रोड़ा में 10 करोड़ से बनेगा सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक*
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में हरोली विधानसभा क्षेत्र के रोड़ा गांव में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। यह ट्रैक क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को तराशने में सहायक होगा।
*शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत आधार*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त और भविष्योन्मुखी ढांचागत विकास किया गया है। आज क्षेत्र में 32 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के अलावा 3 सरकारी कॉलेज, 2 आईटीआई, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, ट्रिपल आईटीआई तथा केंद्रीय विद्यालय जैसी संस्थाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री पीजी डिग्री कॉलेज हरोली कॉलेज के भवन का निर्माण 12 करोड़ रुपये की लागत से शीघ्र पूरा किया जाएगा, जबकि खड्ड कॉलेज में 13 करोड़ रुपये की लागत से इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य जारी है। खड्ड में डे-नाइट सुविधा युक्त फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण की दिशा में भी कार्य प्रगति पर है।
*कभी पानी की किल्लत, आज पानी वाला हलका बना हरोली*
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 75 करोड़ रुपये की लागत से उठाऊ पेयजल योजना बीत एरिया फेज-2 पर कार्य तीव्र गति से जारी है। इसके तहत स्वां नदी से पानी उठाकर पालकवाह में 11 लाख लीटर क्षमता के टैंक तक पहुंचाया जाएगा, जहां से 43 किलोमीटर मुख्य पाइपलाइन और 80 किलोमीटर वितरण प्रणाली के माध्यम से 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि फेज-1 के तहत 44 करोड़ रुपये की लागत से 18 नलकूपों के माध्यम से किसानों तक पानी पहुंचाने का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, जिससे बीत क्षेत्र आज नकदी फसलों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
इसके अलावा एमसीएडी कंपोनेंट के तहत 100 करोड़ रुपये की नई सिंचाई योजना स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत टाहलीवाल, हरोली और खड्ड, तीन क्लस्टरों में आधुनिक तकनीक से सिंचाई तंत्र को सशक्त किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 24 करोड़ रुपये की लागत से पूबोवाल, बालीवाल, हरोली और नगनोली में जल शक्ति विभाग की योजनाएं पूरी की गई हैं।
*करोड़ों के विकास कार्य प्रगति पर*
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हरोली के रोड़ा में 5 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटिक वाहन परीक्षण केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 8 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैफिक पार्क, 7 करोड़ रुपये से विश्राम गृह का निर्माण कार्य प्रगति पर है। रोड़ा में 13 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि हरोली में बस डिपो भी शीघ्र खोला जाएगा।
*स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर फोकस*
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाए गए हैं। हरोली अस्पताल में 15 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए गए हैं। बीटन, कुंगड़त और दुलैहड़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा कुठार और बालीवाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में पूरे क्षेत्र में 35 डॉक्टर जनता की सेवा में कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि पीएचसी सलोह के निर्माण का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। इसके अलावा मलाहत में पीजीआई चंडीगढ़ का सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को उन्नत एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगी।