शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि देश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) का नाम बदलने तथा इसके मूल उद्देश्यों को कमजोर करने के केंद्र सरकार के विरुद्ध प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा है कि यह केवल नाम परिवर्तन का मुद्दा नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत की आजीविका, मजदूरों के अधिकार और संविधान में निहित सामाजिक न्याय की भावना पर सीधा प्रहार है।
विनय कुमार ने बताया कि आज हुई अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस विषय पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा सरकार के इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। कांग्रेस नेतृत्व का मत है कि मनरेगा के स्वरूप में छेड़छाड़ कर उसे एक नए नाम और ढांचे में ढालने का प्रयास, ग्रामीण रोजगार सुरक्षा को कमजोर करने और कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की नीति का हिस्सा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस नए कानून,ढांचे को आगे बढ़ाया जा रहा है, वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को नुकसान पहुंचाने वाला है। मनरेगा का मूल उद्देश्य—ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम रोजगार गारंटी, पलायन पर रोक, और स्थानीय विकास को इससे गहरी चोट पहुंचेगी। कांग्रेस इस नीति को संविधान की आत्मा और महात्मा गांधी के विचारों के विपरीत मानती है और इसका हर स्तर पर विरोध करेगी।
विनय कुमार ने दो टूक कहा कि हिमाचल प्रदेश में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस निर्णय के खिलाफ संगठनात्मक, जनांदोलनात्मक और वैधानिक—तीनों स्तरों पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश की सभी पंचायतों में कांग्रेस कार्यकर्ता नए कानून की खामियों को उजागर करेंगे और जनमत संग्रह के माध्यम से ग्रामीण जनता की वास्तविक राय सामने लाएंगे। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों, मजदूर संगठनों, महिला समूहों और युवाओं को साथ जोड़कर व्यापक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर मनरेगा की उपलब्धियों, मजदूरी भुगतान, कार्य-दिवसों और स्थानीय विकास पर इसके सकारात्मक प्रभावों की जानकारी देंगे, ताकि जनता को भ्रमित करने वाले प्रचार का सच उजागर हो सके। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे पर राज्यव्यापी कार्यक्रमों, धरना-प्रदर्शनों और ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगा।
विनय कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ग्रामीण भारत के श्रमिकों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और मनरेगा के मूल स्वरूप से किसी भी तरह की छेड़छाड़ को कभी स्वीकार नहीं करेगी।