वित्तीय धोखाधड़ी मामले में 8 दोषी, सभी को 5-5 वर्ष का कठोर कारावास

कुल्लू : जिला कुल्लू की माननीय विशेष न्यायाधीश-I अदालत ने एक बहुचर्चित वित्तीय धोखाधड़ी मामले में आठ आरोपियों को दोषी करार दिया है।
  जानकारी देते हुए डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी अनुज शर्मा ने बताया कि अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 120-बी के अंतर्गत सभी दोषियों को प्रत्येक धारा में 5-5 वर्ष का कठोर कारावास तथा ₹50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक-एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
   अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए आरोपियों में रमन कुमार पुत्र राम इकबाल सिंह, निवासी सेक्टर-10(बी), बसुंधरा कॉलोनी, जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश); राकेश कुमार पुत्र शिव चरण सिंह, निवासी शेख इन (सराय), फेज-II, नई दिल्ली; निखिल नंदा पशुपालक पुत्र कालू चरण, निवासी रामकृष्ण नगर, बरहमपुर (ओडिशा); सीता राम नय्यर पुत्र उत्तम राम, निवासी गांव तेगुबेहर, डाकघर शमशी, जिला कुल्लू; जयदेव शर्मा पुत्र धरम चंद शर्मा, निवासी गांव चनसारी, डाकघर बारी, जिला कुल्लू; गुरजन सिंह ग्रेवाल पुत्र हरि सिंह ग्रेवाल, निवासी नया नंगल, जिला रोपड़ (पंजाब); संदीप कुमार उर्फ गोल्डी पुत्र बृज मोहन, निवासी गांव बहनम, तहसील नंगल, जिला रोपड़ (पंजाब) तथा वेद प्रकाश पुत्र लाल चंद, निवासी वार्ड नंबर-9, ढालपुर, कुल्लू शामिल हैं।
    मामले के अनुसार वर्ष 2010 में शिकायतकर्ता जीत मलिक पुत्र स्व. तुलसी राम को सक्सेस ऑनलाइन सर्विस सिस्टम (SOSS) नामक कंपनी में निवेश पर अधिक लाभ देने का झांसा दिया गया। प्रारंभ में कुछ किस्तों का भुगतान किया गया, लेकिन बाद में आरोपियों ने शिकायतकर्ता व अन्य निवेशकों की राशि हड़प ली।
   इस संबंध में वर्ष 2011 में पुलिस थाना सदर कुल्लू में एफआईआर संख्या 504/2011 दर्ज की गई थी। पुलिस जांच के बाद 16 दिसंबर 2013 को चालान अदालत में पेश किया गया। 18 दिसंबर 2017 को आरोप तय किए गए। अभियोजन पक्ष ने मामले में 44 गवाहों के बयान दर्ज करवाए।
   अदालत ने पाया कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत लोगों को दोगुना लाभ देने का लालच देकर निवेश करवाया और धनराशि वापस न कर धोखाधड़ी की। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 44 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

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