
शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांगड़ा की बिटिया पल्लवी की मौत बहुत दु:खद और पीड़ादायक है। इस मामले में पुलिस और प्रशासन की तरफ से बार-बार लापरवाही के आरोप लग रहे हैं जो व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री को संज्ञान लेना चाहिए। यह मामला एक बेटी के न्याय से जुड़ा हुआ है इसलिए इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जिससे सारे तथ्य सामने आ सकें और पल्लवी को न्याय मिल सके। उन्होंने पल्लवी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।
जयराम ठाकुर ने कहा की प्रदेश में लोगों की स्वास्थ्य व्यवस्था स्वयं ही बहुत क्रिटिकल हैं। माननीय उच्च न्यायालय की टिप्पणी की सरकार आउटसोर्स गर्मियों के भरोसे व्यवस्था को छोड़ कर प्रदेश वासियों के स्वास्थ्य अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रही है, अपने आप में हालात की गंभीरता बताने के लिए काफ़ी है। प्रदेश सरकार के मुखिया आये दिन स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को लेकर झूठ बोलते हैं लेकिन हकीकत ये है कि इलाज के अभाव में लोगों की जान मुसीबत में पड़ रही है। इसी हफ्ते रामपुर के कुहल पंचायत में एक महिला की दु:खद मृत्यु हुई क्योंकि वो खेत में काम करते हुए खाई में गिर गयी थी हैरानी की बात ये है कि जब उन्हें परिजन पीएचसी देवठी ले गए तो वहां पर डॉक्टर ही नहीं मिला इसी तरह पीएचसी तकलेच में भी डॉक्टर नहीं था कि प्राथमिक उपचार हो सके। लोगों के जीवन से जुड़े मुद्दों को इतने में हल्के में लेना बहुत शर्मनाक बात है, लेकिन ये सरकार लोगों की जान से खेलने से बाज नहीं आ रही है। आये दिन सरकार की नाकामी और स्वास्थ्य व्यवस्था के क्रिटिकल होने की क़ीमत प्रदेश के लोग चुका रहे हैं।