शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में एचपी फ्यूचर्स परियोजना की स्टीयरिंग कमेटी बैठक,अब तक की प्रगति का आकलन, आगामी रणनीति पर केंद्रित रहा मंथन

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार और यूनेस्को की संयुक्त पहल “एचपी फ्यूचर्स” परियोजना के तहत दूसरी स्टीयरिंग कमेटी बैठक राज्य सचिवालय शिमला में आयोजित की गई। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ अमरजीत शर्मा, स्कूली शिक्षा निदेशक आशीष कोहली व अतिरिक्त निदेशक बीआर शर्मा,, यूनेस्को की साउथ एशिया पैसिफिक शिक्षा प्रमुख जॉयस पोआन, सदस्य श्रद्धा चिकरूर, समग्र शिक्षा के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान परियोजना के तहत अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन तीनों स्तंभों से आधारित मिलकर हिमाचल के भौगोलिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य के अनुरूप भविष्य आधारित शिक्षा प्रणाली को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि परियोजना ने अब तक नीति निर्धारण और कक्षा आधारित शिक्षा के बीच अंतर पहचानने, शिक्षकों का विश्वास बढ़ाने, छात्रों की ईको-क्लब गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने और सामुदायिक तथा स्कूल प्रबंधन समिति की भागीदारी मजबूत करने में मदद की है। राज्य भर के लगभग 200 शिक्षकों को खेल के माध्यम से मूल्य आधारित शिक्षा में प्रशिक्षित किया गया है, साथ ही वरिष्ठ माध्यमिक शारीरिक शिक्षा प्रवक्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। आने वाले वर्षों में अधिक स्कूलों को शामिल किया जाएगा और अधिकतम प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
रोहित ठाकुर ने यूनेस्को द्वारा प्रदान किए गए सहयोग और तकनीकी विशेषज्ञता की सराहना की और कहा कि एचपी फ्यूचर्स का ‘पूरा स्कूल और पूरा समुदाय’ दृष्टिकोण शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए बहुत लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि सतत सहयोग, संरचित फॉलो-अप और मजबूत निगरानी प्रणाली सफल प्रथाओं को बढ़ाने और राज्य की शिक्षा प्रणाली को और मजबूत करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सरकार के प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल कर रहा लगातार सुधार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश में लगातार सुधार हो रहा है। हाल ही में हिमाचल को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया और राष्ट्रीय स्तर के असर, परख और एनएएस जैसे आकलनों में राज्य ने शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने सभी हितधारकों से गुणवत्ता और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया ताकि हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श राज्य बना रहे।
बैठक के दौरान एचपी फ्यूचर्स के विज़न और प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
उल्लेखनीय है कि 26 मार्च 2025 को हिमाचल प्रदेश सरकार और यूनेस्को के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए एचपी फ्यूचर्स परियोजना शुरू की गई है। इस परियोजना के अंतर्गत तीन प्रमुख क्षेत्रों पर काम किया जा रहा है, जिनमें कौशल आधारित शिक्षा प्रणाली, खेलों के माध्यम से मूल्य आधारित शिक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने वाली ग्रीनिंग एजुकेशन शामिल हैं। ये सभी पहलें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुरूप हैं।

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