राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित

 

दूरदराज क्षेत्रों में स्थायी आजीविका को मिलेगा बल: मुख्यमंत्री

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में आज यहां भारतीय सेना, हिमाचल प्रदेश सरकार और श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद झांसी के मध्य एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया गया। इसका उद्देश्य राज्य के सीमावर्ती और दूरदराज के गांवों में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती को बड़े स्तर पर बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल किसानों को स्थायी रोजगार देने के साथ-साथ पारंपरिक आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
इस समझौते पर भारतीय सेना की ओर से कर्नल टी.एस.के. सिंह, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से आयुष विभाग के निदेशक रोहित जमवाल और श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद झांसी की ओर से शैलेश शर्मा ने हस्ताक्षर किए।
एमओयू के तहत आयुष विभाग किसानों को औषधीय पौधों की खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान करेगा। कंपनी किसानों से तय कीमत पर फसल खरीदेगी और गुणवत्तायुक्त बीज या पौधे भी उपलब्ध करवाएगी। वहीं भारतीय सेना किसानों को प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगी।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, सचिव आयुष प्रियंका बासु इंगटी, लेफ्टिनेंट जनरल डी.जी. मिश्रा, ब्रिगेडियर अनुराग पांडे और राज्य सरकार व भारतीय सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *