आरडीजी बंद करना हिमाचल के साथ सीधा धोखा : अनित जसवाल

आरडीजी बंद करना हिमाचल के साथ सीधा धोखा : अनित जसवाल

मंडी। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली आरडीजी को बंद किए जाने के विरोध में आज भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई जिला मंडी द्वारा जिला अध्यक्ष अनित जसवाल के नेतृत्व उपायुक्त कार्यालय , मंडी के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया तथा केंद्र सरकार व हिमाचल भाजपा सांसदों का पुतला भी जलाया। इसके उपरांत अतिरिक्त जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनित जसवाल ने इस फैसले को हिमाचल प्रदेश की जनता के हितों के साथ सीधा धोखा बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश को लगभग ₹40,000 करोड़ का नुकसान हुआ है।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एनएसयूआई जिला मंडी के जिलाध्यक्ष अनित जसवाल ने कहा कि हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है, जहां विकास कार्यों की लागत अधिक होती है। ऐसे में आरडीजी जैसी महत्वपूर्ण सहायता को समाप्त करना प्रदेश के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर सीधा हमला है।

उन्होंने कहा कि इस फैसले के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश से चुने गए भाजपा सांसद भी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने बजट के समय प्रदेश के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं की। सांसदों की चुप्पी हिमाचल के साथ हो रहे अन्याय को दर्शाती है।

अनित जसवाल ने कहा कि हिमाचल के भाजपा नेताओं और सांसदों की हिमाचलियत मर चुकी है , उनके लिए राजनीति प्रदेश हित से ऊपर हो चुकी है और वे लगातार प्रदेश की सरकार को कमजोर करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

अनित जसवाल ने स्पष्ट किया कि एनएसयूआई माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी के साथ मजबूती से खड़ी है, जो लगातार प्रदेश के हक़ और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आपदा के किए केंद्र सरकार द्वारा एक रुपए की विशेष आर्थिक सहयोग प्रदेश को नहीं दिया , मोदी जी का 1500 करोड़ रुपए के पैकेज का वादा भी जुमला साबित हुआ । जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आपदा ग्रसित लोगों को निरंतर सहायता प्रदान की जा रही है । मुख्यमंत्री द्वारा लोगों को चार लाख रूपये की किस्त घर बनाने के लिए दे दी है जिससे लोगों ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने “RDG बंद नहीं चलेगा”, “हिमाचल के हक़ पर हमला बंद करो” जैसे नारे लगाए तथा अतिरिक्त जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपकर आरडीजी को तुरंत बहाल करने की मांग की ।

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