ग्लोबल डांस ओवरचर: कमानी थिएटर में आज भारत-रूस सांस्कृतिक संध्या

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित कोस्त्रोमा रूसी राष्ट्रीय बैले भारत और रूस के बीच दीर्घकालिक और विशेष रणनीतिक साझेदारी के एक भाग के रूप में आज कमानी थिएटर में रूस की सांस्कृतिक और शैक्षिक परियोजना ग्लोबल डांस ओवरचर प्रस्तुत करेगा।

संस्कृति मंत्रालय के सचिव  विवेक अग्रवाल इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। वे मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। भारत में रूस के राजदूत डेनिस एवगेनिएविच अलिपोव, संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा और रूसी राष्ट्रीय बैले “कोस्त्रोमा” की निदेशक एलेना त्सारेन्को भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगी।

इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रपति के सांस्कृतिक पहल फाउंडेशन, रूसी के विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय, भारत में रूस के दूतावास और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से किया जा रहा है।

कोस्त्रोमा रूसी राष्ट्रीय बैले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के एक भाग के रूप में रूसी राष्ट्रीय नृत्य शो के कोरियोग्राफिक प्रदर्शन की प्रस्तुति करेगा। यह रूस का सबसे बड़ा ऐतिहासिक कार्यक्रम है। पांच महाद्वीपों के 50 देशों के सत्तर लाख से अधिक दर्शक इसकी प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध हो चुके हैं। बैले के मुख्य कोरियोग्राफर और रूस के सम्मानित कलाकार यूरी त्सारेन्को ने इसकी रचना की है। यह कार्यक्रम दर्शकों को देश की विविधता की गहरी जड़ों और लोक परंपराओं से परिचित कराता है। रंगों, वेशभूषा और प्रामाणिक कोरियोग्राफी के जीवंत संयोजन के माध्यम से यह प्रदर्शन रूस की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय विविधता को प्रदर्शित करता है जिसमें खूबसूरत धूप से सराबोर काकेशस, बुर्यातिया, साइबेरिया, सुदूर उत्तर और रूस के मध्यवर्ती भागों के लोगों की नृत्य संस्कृतियों को प्रस्तुत किया जाता है।

इस दौरान, भारतीय नर्तक एक विशेष प्रस्तुति के रूप में “जयति जय मम भारतम” नामक रचना प्रस्तुत करेंगे जो भारत की बहुलतावादी सांस्कृतिक पहचान को समर्पित सुनियोजित नृत्य प्रस्तुति है। इसमें देश भर की चुनिंदा लोक परंपराओं को एकीकृत कलात्मक आख्यान में पिरोया गया है।

इससे पहले, 2 मार्च 2026 को संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से रवींद्र भवन स्थित मेघदूत थिएटर-I में ग्लोबल डांस ओवरचर पहल के अंतर्गत शैक्षिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीमित भागीदारी वाले इस कार्यक्रम में नृत्यों के प्रदर्शन के अतिरिक्त रूसी और भारतीय नृत्य परंपराओं पर आधारित अंतर-सांस्कृतिक कार्यशालाएं और युवा नर्तकों और कोरियोग्राफरों के बीच कलात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आपस में मिलकर “राउंड डांस ऑफ फ्रेंडशिप” का अचानक शुरु किया गया नृत्य प्रदर्शन भी शामिल था।

भारत-रूस सांस्कृतिक सहयोग की दृष्टि से नई दिल्ली में ग्लोबल डांस ओवरचर का आयोजन ऐतिहासिक है। यह लोगों के बीच आपसी संबंधों और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक समझ को मजबूत करने के लिए सबकी व्यापक भाषा के रूप में नृत्य की भूमिका को पुनः स्थापित करता है।

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